आय और बचत के हिसाब से चुनें आयकर का विकल्प
शामली। संसद में शनिवार को पेश हुए आम बजट को लेकर उद्यमी, व्यापारी और नौकरीपेशा हर कोई असमंजस में है। आयकर में छूट का कौन का स्लैब बेहतर होगा। जीएसटी पर क्या कोई नया प्रावधान आया है। किस तरह से वह टैक्स बचा सकते हैं। बजट के बाद उसे क्या फायदा होगा। इस तरह के सवाल उनके मन में है। बजट में हुई व्यवस्थाओं को समझाने के लिए अमर उजाला ने एक संवाद का आयोजन किया। इसमें शहर के टैक्सेशन बार एसोसिएशन शामली के महासचिव और आयकर और जीएसटी विशेषज्ञ गौरव मित्तल ने शहर के सभी तरह के पेशे से जुुड़े लोगों के साथ संवाद किया और उन्हें बजट को समझाते हुए उनके सवालों के जवाब दिए।
सवाल -मैं नौकरी पेशा हूं, आयकर की पुरानी व्यवस्था बेहतर है या नई
गौरव गोयल शिक्षक
जवाब- नई टैक्स प्रणाली के अंतर्गत सरकार द्वारा टैक्स की रेट घटाई गई हैं और पीपीएफ एवं एनपीएस में निवेश करने पर मिलने वाली छूट को जारी रखा गया है। सरकार द्वारा नई टैक्स प्रणाली में नौकरी पेशा को मिलने वाले स्टैंडर्ड डिक्शन रु 50,000 समाप्त कर दी है। अत: नौकरी पेशा को चाहिए कि वह पीपीएस में एनपीएस में अधिक से अधिक निवेश करें और नई टैक्स प्रणाली को अपनाएं, जिससे उसकी आयकर में बचत होगी।
क्या जीएसटी फर्म केवल जीएसटी लेने वालों को ही माल देगी।
आशु गर्ग ,सराफ
जवाब , नहीं यह जरूरी नही हैं कि जीएसटी फर्म बिना जीएसटी लाइसेंस वाले व्यापारी को माल ना दे। वह माल दे सकती हैं, लेकिन माल लेने वाले को अपनी फर्म का नाम ,पता आदि सब बताना होगा। 50 हजार से अधिक का बिल फर्म के नाम से ही कटेगा।
मैं एक मध्यमवर्ग व्यापारी हूं ,खेती भी है। मेरी आय करीब पांच लाख सालाना है। मुझे अपनी आयकर में बचत करने के लिए क्या करना चाहिए।
वैभव गर्ग, सराफ
जवाब- कृषि आय टैक्स मुक्त है। व्यापार पर उन्हें टैक्स देना होगा। पुरानी टैक्स नीति के तहत 2.5 लाख तक की आमदनी पर कोई कर नहीं है। 2.5 लाख से 5 लाख तक की आमदनी पर लगने वाले कर 12, 500 रुपये पर 87 (1)भन के अंतर्गत छूट है । इसलिए पुरानी नीति के अंतर्गत ही रिटर्न भरनी चाहिए, जिससे पांच लाख तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
नई टैक्स नीति में निवेश पर छूट खत्म हो गई है, तो मुझे निवेश करने की जरूरत नहीं होगी
मुकेश गुप्ता ,स्पोर्ट्स व्यापारी
जवाब-इस बजट में नए टैक्स नीति के अंतर्गत 70 प्रकार की छूट समाप्त की गई है, किंतु कुछ छूट अभी भी हैं, जिनमें निवेश करने पर हम आयकर में बचत कर सकते हैं, जिसमें मुख्यत: पीपीएफ, ईपीएफ, एनपीएस शामिल है। इन योजनाओं में निवेश करके आप अब भी आयकर में छूट का लाभ ले सकते हैं।
सवाल - कैसे पता चलेगा कि आयकर की कौन सी स्कीम अच्छी है
अंकुुर गोयल, इलेक्ट्रिक व्यापारी
आयकर विभाग की वेबसाइट पर शीघ्र ही पुरानी व नई स्कीम से संबंधित सभी सूचनाएं व तुलनात्मक चार्ट उपलब्ध हो जाएगा, जहां पर कोई भी आम व्यक्ति, नौकरी पेशा अथवा व्यापारी नई व पुरानी दोनों टैक्स स्कीम के अंतर्गत अपनी आय व निवेश के आधार पर आसानी से अपने ऊपर लगने वाले टैक्स की गणना कर सकता है एवं पता कर सकता है कि कौन सी स्कीम अपनाने पर उसे अधिक टैक्स की बचत होगी। वह उसी स्कीम के अंतर्गत वह अपनी रिटर्न विभागीय वेबसाइट पर स्वयं से दाखिल कर सकता है।
सवाल -इस बजट के अंदर जीएसटी में क्या बदलाव किए गए हैं।
-घनश्याम दास, रिमधुरा उद्योग
जवाब -जीएसटी को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की गई है। जीएसटी को और अत्यधिक सरल और सुगम बनाने का आश्वासन दिया गया है।सरकार द्वारा पूर्व में ही जीएसटी के नए फार्म जारी कर दिए गए हैं, जो एक अप्रैल 2020 से लागू होंगे।
व्यापार उद्योगों को फायदा होगा -गौरव मित्तल
टैक्सेशन बार एसोसिएशन शामली के महासचिव और आयकर और जीएसटी विशेषज्ञ गौरव मित्तल कहते हैं कि वित्त मंत्री द्वारा जारी की गई नई टैक्स की स्कीम निश्चित रूप से आम आदमी पर व्यापारी वर्ग को फायदा पहुंचाएगीं। क्योंकि सरकार द्वारा नई टैक्स नीति पर पुरानी टैक्स नीति को चुनने की व्यवस्था दी गई है। अत: व्यापारी अपने निवेश और आय के हिसाब से टैक्स नीति का चयन करके अपने टैक्स में बचत कर सकता है। उद्यमियों के लिए सरकार द्वारा कारपोरेट टैक्स घटाकर 25% से घटाकर 20% कर दिया गया है। इसी के साथ साथ उद्यमियों के लिए सरकार द्वारा निर्यात पर लगने वाले कर शुल्क के प्रतिपूर्ति के लिए नई योजना लागू करने की बात कही है। इस योजना के लागू होने के बाद सुस्त पड़ रहे निर्यात में तेजी आएगी। आयकर के नए स्लैब से अधिक आय वाले लोगों को अधिक लाभ होगा।
शामली बजट पर चर्चा करते विभिन्न वर्गो के लोग- फोटो : SHAMLI