शामली। यदि किसानों के साथ आम सहमति नहीं बनी तो ऊन और तितावी चीनी मिलों को जिले का गन्ना मिलना मुश्किल है। सहमति बनने के बाद ही जिला प्रशासन उप्र शासन को ऊन, तितावी मिल को गन्ना आवंटन करने या न करने की रिपोर्ट भेजेगा।
बुधवार को ऊन चीनी मिल क्षेत्र के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम सुजीत कुमार से मिला। उन्होंने डीएम को बताया कि कि सुपीरियर फूड ग्रेन प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2015-16 का बकाया गन्ना भुगतान किसानों को नहीं दिया है। इस कारण से यहां के किसान अपना गन्ना ऊन चीनी मिल को नहीं देना चाहते हैं। किसानों के हितों को देखते हुए दूसरी चीनी मिलों को उनका गन्ना आवंटित कराया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन द्वारा कुर्क की गई ऊन चीनी मिल की चीनी किसानों को दिलाए जाने की मांग की है। वहीं डीएम ने ऊन, तितावी चीनी मिल को गन्ना न दिए जाने, कुर्क चीनी किसानों को दिए जाने या कुर्क चीनी बेचकर किसानों का बकाया भुगतान करने पर आम सहमति बनाए जाने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि किसानों और चीनी मिल अधिकारियों के बीच इस संबंध में बात होनी जरूरी है, उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से सनोज चौधरी, अंकित कुमार, रवि सिरोही, संजीव कुमार, रविंद्र सिंह, राकेश कुमार, देवेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
मिल ने 30 सितंबर तक ले रखा है स्टे
डीएम ने बताया कि जिले के किसानों में ऊन और तितावी चीनी मिल को गन्ना न दिए जाने की सहमति बन जाती है, तो इस संबंध में गन्ना आयुक्त डॉक्टर विपिन द्विवेदी को अपनी रिपोर्ट भेज देंगे। उन्होंने बताया कि ऊन चीनी मिल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से तीस सितंबर तक स्टे ले रखा है। इसके बाद चीनी मिल की कुर्क चीनी को नीलाम करा गन्ने का बकाया भुगतान कराया जाएगा। कुर्क चीनी किसानों को देने के लिए गन्ना आयुक्त से स्वीकृति लेनी पडे़गी। किसानों की आम सहमति बनने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
किसानों का धरना जारी
ऊन। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर तीसरे दिन भी क्षेत्र के किसानों का ऊन चीनी मिल गेट पर धरना प्रदर्शन जारी रहा। ऊन चीनी मिल पर किसानों का 59 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है।
जिसको लेकर क्षेत्र के किसान तीन दिन से धरना दे रहे हैं। किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि तहसील प्रशासन जब्त चीनी को किसानों की मौजूदगी में बेचेगा और जब तक संपूर्ण भुगतान नहीं होगा तब तक धरना जारी रहेगा। मिल में भी कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा। बाद में 45 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया। जो प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर किसानों की मांगों का हल कराएगी। धरने पर बुधवार को कपिल, राजबीर, रवि, संजीव, मोनू चिकारा, वेदपाल, सोमपाल, सनोज आदि शामिल रहे।