शामली में बच्ची की आँखों की जांच करते चिकित्सक
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ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंख हो रही कमजोर
शामली। कोरोना संक्रमण काल में ऑनलाइन पढ़ाई के चलते बच्चों की आंखों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में बच्चों की आंखों में जलन, पानी आना और सिर दर्द के केस आ रहे हैं।
कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर मार्च के महीने से स्कूल-कालेज में छात्र-छात्राओं को बुलाने पर रोक लगी है। इसके चलते स्कूल-कालेजों में ऑनलाइन क्लास चलाई जा रही है। मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप पर लगातार कई-कई घंटे ऑनलाइन पढ़ाई करने से बच्चों की आंखों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अस्पतालों में बच्चों से लेकर युवाओं की आंखों में जलन, पानी आना और सिरदर्द जैसी समस्या के केस लगातार सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को गांव भाज्जू निवासी कक्षा चार में पढ़ने वाली रीतिका अपने दादा ब्रह्मपाल के साथ सीएचसी पहुंची। बच्ची ने बताया कि ऑनलाइन क्लास से आंखों में खुजली व जलन होती है।
सीएचसी शामली के नेत्र परीक्षण अधिकारी डा. राजकुमार ने बताया कि एक दिन में 10 से 15 केस बच्चों की आंखों में जलन, पानी बहना और सिर दर्द होने के केस आ रहे हैं। कोरोना से पहले इस तरह के केस एक या दो ही आते थे। उनका कहना है कि अभिभावक यही बताते हैं कि जब से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई है तब से बच्चों की आंखों में इस तरह की समस्या बन रही है। निजी चिकित्सक डा. उमंग अग्रवाल का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंखों पर असर पड़ रहा है। इस तरह के कई केस रोजाना आ रहे हैं।
आंखों की सुरक्षा को बार-बार पानी से धोएं
शामली नेत्र परीक्षण अधिकारी डा. राजकुमार ने बताया कि मोबाइल या लैपटॉप पर लगातार काम करने से आंख में कार्निया शुष्क हो जाता है, इससे आंखों में प्रतिकूल असर पड़ता है। इससे बचाव के लिए अधिकतम 20 से 25 मिनट लगातार पढ़ाई करें। इसके बाद आंखों को एक या दो मिनट का आराम दें। दिन में बार-बार आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें। इसके अलावा आंखों को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित भोजन का सेवन करें।