शामली। बुखार, जुकाम, खांसी ही नहीं चोरी की लत का इलाज कराने के लिए भी परिजन बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे बच्चे कलेप्टोमेनिया नामक मानसिक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। हर माह जिला अस्पताल में चार से पांच मामले पहुंच रहे हैं। प्राइवेट मनोचिकित्सकों के यहां भी इस तरह के मामलों की भरमार है। चिकित्सक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। संवाद
बनत के रहने वाले परिजन कक्षा 6 में पढ़ने वाले बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचे। बताया कि आए दिन बेटा रुपये और घर से अन्य सामान चोरी कर लेता है। काउंसिलिंग से पता चला कि मासूम कलेप्टोमेनिया विकार का शिकार है। जिसका उपचार किया जा रहा है।
कक्षा 7 में पढ़ने वाले छात्र ने तीन बार में 500-500 रुपये चोरी कर लिए। परिजन मनोचिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। परिजनों को शक था कि बेटा किसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो सकता है। हालांकि, छात्र किसी बीमारी से ग्रस्त नहीं मिला। छात्र कई बार भूत प्रेत आने के बहाने भी बनाता था।
शहर के काजीवाड़ा मोहल्ले के रहने वाले अभिभावक 12 साल के बेटे को लेकर मन कक्ष में पहुंचे। बेटा आए दिन घर से रुपयों के अलावा जेवर चोरी कर लेता था। काउंसलिंग के दौरान पता चला कि किशोर मानसिक विकार कलेप्टोमेनिया के चपेट में है। ा