चोसना ऊन मार्ग क्षंतीग्रस्त सडक
- फोटो : अमर उजाला
शामली के चौसाना- ऊन मार्ग पिछले आठ वर्षों से अपनी बदहाली पर रो रहा है। सरकार, जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार यह मार्ग दर्जनों गांवों और यहां से गुजरने वाले मुसाफिरों की मुसीबत बन चुका है।
चौसाना ऊन मार्ग तहसील ऊन का मुख्य मार्ग है, इस मार्ग से डेढ़ दर्जन गांव जुड़े हैं। हजारों यात्री रोजाना इस मार्ग से गुजरते हैं। जिसके बाद भी मार्ग की हालत पिछले आठ वर्षों से खस्ताहाल है। सड़क टूटकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। 2008 में यह मार्ग तत्कालीन सांसद अनुराधा चौधरी के प्रयास से प्रधानमंत्री सड़क रोजगार योजना के तहत बनाया गया था। लेकिन कुछ समय बाद ही टूट गया और तब से लेकर आज तक चौसाना ऊन मार्ग की न तो मरम्मत कराई और न ही निर्माण कार्य हो पाया है।
क्षेत्रवासियों ने समय समय पर इसके निर्माण की मांग शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों भी की, लेकिन किसी के यहां कोई सुनवाई नहीं हुई। चुनाव के दौरान सभी प्रत्याशियों ने मार्ग का निर्माण कराने का वादा क्षेत्र की जनता से किया था, लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद जनप्रतिनिधि अपना वादा ही भूल गए। लोग जान जोखिम में डालकर खस्ताहाल मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। क्षेत्र के लोगों ने मार्ग की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।