शामली। गर्मी के मौसम में रात को नींद पूरी नहीं होने के कारण लोगों का स्वभाव बदल रहा है। जरा सी बात पर गुस्सा आना, झुंझलाहट और चिड़चिड़ापन के मरीज भी जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उन्हें भरपूर नींद लेने और गर्मी से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में प्रचंड गर्मी का प्रकोप चल रहा है। गर्मी के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। गर्मी के कारण वैसे तो बुखार, नजला, खांसी और त्वचा संबंधी मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है, लेकिन गर्मी लोगों के स्वभाव पर भी असर डाल रही है। जिला अस्पताल में इस तरह के मरीज भी सामने आ रहे हैं, जिन्हें बीमारी तो नहीं होती, लेकिन शरीर में हल्का दर्द रहना, गुस्सा ज्यादा आना, झुंझलाहट और चिड़चिड़ापन की शिकायत बन रही है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि गर्मी के कारण शरीर में हल्का बुखार महसूस देता है और शरीर में हल्का दर्द रहता है। इस तरह के मरीज ओपीडी में रोजाना 20 से 30 मरीज आते हैं, जिन्हें चिड़चिड़ापन, ज्यादा गुस्सा और झुंझलाहट की शिकायत होती है। उन्होंने बताया कि इस तरह के मरीजों को बुखार नहीं होता। यह गर्मी का स्वास्थ्य पर पड़ने वाला असर है। दूसरा यह कारण है कि गर्मी के कारण रात को नींद पूरी नहीं हो रही है। नींद कम आने के कारण भी इस तरह की समस्या होती है। इससे बचाव के लिए लोगों को गर्मी से बचाव और रात में भरपूर नींद लेनी चाहिए।
इस तरह के आ रहे मरीज
केस एक
कांधला निवासी शमीम ने बताया कि उसे गर्मी बहुत लगती है। शरीर में दर्द रहता है। कुछ दिन से गुस्सा बहुत आता है। बात-बात में झुंझलाहट होती है। चिकित्सक ने उन्हें गर्मी की वजह से इस तरह की समस्या होना बताया है।
केस दो
शामली निवासी रविता ने ओपीडी में चिकित्सक को बताया कुछ दिन से उसे बात-बात में झुंझलाहट होती है और स्वभाव भी चिड़चिड़ा हो रहा है। रात को नींद भी कम आती है। चिकित्सक ने दवा के साथ उन्हें नींद पूरी लेने की सलाह दी है।
केस तीन
कैराना निवासी विनोद ने चिकित्सक को बताया कि उसे कुछ दिन से शरीर में बुखार महसूस होता है। गर्मी के कारण नींद अच्छी नहीं आती। जांच में बुखार नहीं होता। स्वभाव भी बदल सा गया है। बात-बात में गुस्सा आता है। चिकित्सक ने दवा देने के साथ गर्मी से बचने और नींद पूरी लेने की सलाह दी है।