50 लाख की फिरौती के लिए बीटेक के छात्र अविरल के अपहरण कांड में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपहरण में इस्तेमाल की गई कार, तमंचा और दो कारतूस बरामद किए है।
शहर की पुरानी शिव मूर्ति गांधी चौक निवासी छात्र अविरल का 21 मई को दिल्ली जाते समय पानीपत से अपहरण कर लिया था। पुलिस ने 22 मई की रात थानाभवन क्षेत्र के गांव हसनपुर के जंगल में मुठभेड़ के बाद अपहृत छात्र को सकुशल मुक्त कराया था। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने छात्र के चाचा मोहित और बब्बू निवासी धर्मपुरा और तितावी क्षेत्र के गांव चरोली निवासी हरेंद्र कश्यप व सतीश को गिरफ्तार कर चालान किया था। कोतवाली प्रभारी सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि शनिवार दोपहर को अपहरण में शामिल एक और आरोपी धीमानपुरा निवासी विकास बिंदल को झिंझाना नहर पटरी से कार सहित गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि बरामद कार एक वकील की बताई गई है। इस कार का इंतजाम पूर्व में गिरफ्तार आरोपी मोहित उर्फ बब्बू ने किया था। कार स्वामी की अपहरण में संलिप्तता है या नहीं? इसकी जांच की जा रही है।
अपहृत छात्र को एक रात होटल में रखा था
शामली। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि छात्र अविरल का अपहरण करने के बाद आरोपियों ने उसकी आंख पर पट्टी बांध दी थी और उसे काला चश्मा पहना दिया था। आरोपियों ने उसे इतना डराया धमकाया था कि वह शोर तक नहीं मचा सका। बीच-बीच में उसे नशीला पदार्थ पिलाकर अचेत भी करते रहे। छात्र को आरोपी पहले सोनीपत और इसके बाद मेरठ व बुलंदशहर ले गए। संभवत: रात में छात्र को किसी होटल में रखा गया था। चार लोगों को देखकर किसी को शक न हो। इसके चलते उस रात को आरोपी मोहित उर्फ बब्बू और विकास वहां से शामली आ गए थे। इसके बाद मोहित अपहृत के परिजनों से मिला था ताकि परिजनों को उस पर शक न हो। अगले दिन फिर अपहृत छात्र को शामली के थानाभवन क्षेत्र में रखा गया और रात में परिजनों को फोन कर 50 लाख की फिरौती मांगी थी। इसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद अपहृत को सकुशल मुक्त कराया था।