तीन माह में 63 किशोरियों को लगा एचपीवी का टीका, 16701 का लक्ष्य निर्धारित
जागरूकता व प्रचार-प्रसार के लिए घर-घर चलेगा जागरूकता अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों को लगाए जाने एचपीवी टीकाकरण लगवाने में अभिभावक रुचि नहीं ले रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रचार प्रसार की कमी व अभिभावकों में जागरूकता की कमी है। जिले में 16701 किशोरियों को वैक्सीन का टीका लगाने का लक्ष्य है। तीन महीने में मात्र 63 किशोरियों को टीकाकरण हो सका है।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए सरकार की तरफ से जिला अस्पताल व सभी सीएचसी पर निशुल्क एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। 28 फरवरी को जिले में इस टीकाकरण अभियान की शुरूआत की गई थी। यह टीका 14 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को लगाया जा रहा है। अभियान को शुरू हुए लगभग तीन माह हो गए, लेकिन अभी तक मात्र 63 किशोरियों को टीका लग सका है, जबकि जिले में 16701 किशोरियों को टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है। इसे लेकर शासन की तरफ से वैक्सीन की करीब चार हजार डोज उपलब्ध कराई गई है। जिले में टीकाकरण अभियान की धीमी गति का मुख्य कारण विभाग की तरफ से प्रचार प्रसार की कमी और वैक्सीन का टीका लगवाने में अभिभावक रुचि नहीं ले रहे हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. करण सिंह ने बताया कि एचपीवी का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। अभी तक जिन किशोरियों को टीका लगा है, उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि स्कूलों की गर्मी की छुट्टी शुरू हो गई है। अभिभावक व किशोरी घर पर ही रहेंगी। इसे देखते हुए आशा और एएनएम घर घर जाकर अभिभावकों व किशोरियों को जागरूक करने का अभियान चलाएगी। इसके अलावा 29 मई को अंतरविभागीय बैठक भी आयोजित की जाएगी।