सेंहटा उपरिगामी पुल की ढीली हुई प्लेटों में लगाए गए पेंच। संवाद
बारिश में पानी का रिसाव होने से सेंहटा उपरिगामी पुल के नीचे सीमेंट की प्लेटें खिसकीं
एनएचएआई की टीम ने प्लेटों में पेंच लगाकर की मरम्मत की
पांच साल पहले बना था बाईपास, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के शामली बाईपास पर बने सेंहटा उपरिगामी पुल में बारिश के पानी का रिसाव होने से सीमेंट की प्लेटें ढीली होकर खिसक गईं। एनएचएआई की टीम ने प्लेटों में पेंच लगाकर मरम्मत कर फिलहाल प्लेटों को गिरने से रोकने की व्यवस्था भले ही कर दी हो लेकिन बाईपास के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो गया है।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के शामली बाईपास का निर्माण 2021 में हुआ था। जिले में हुई बारिश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। सेंहटा उपरिगामी पुल पर बारिश के पानी का रिसाव होने से पुल के नीचे लगाई गई सीमेंट की प्लेटें ढीली हो गईं। कई प्लेटें तो बाहर की तरफ झुकने से उनके गिरने का खतरा बन गया, जिससे वाहन चालकों को भी हादसे की आशंका बन गई थी।
एनएचएआई की टीम ने बारिश के पानी के रिसाव से ढीली हुई और झुकी हुई प्लेटों की मरम्मत का कार्य किया। प्लेटों के बीच में छेद कर पेंच लगाए गए ताकि प्लेटें अपनी जगह पर सुरक्षित रह सकें। फिलहाल एनएचएआई की टीम ने मरम्मत कर प्लेटों को गिरने से रोक दिया है, लेकिन ये कितने दिन सुरक्षित रह सकेंगी यह सवाल अभी भी बना हुआ है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि पेंच लगाने के बाद प्लेटें अपनी जगह पर लंबे समय तक टिकी रहेंगी। इस संबंध में एनएचएआई के सीनियर स्ट्रक्चर इंजीनियर प्रकाश ने बताया कि बारिश के पानी का रिसाव होने से सीमेंट की प्लेटें ढीली हो गई थीं। प्लेटों में पेंच लगाकर मरम्मत कर दी गई है। अब किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।