शामली। इधर देश में दूल्हे आबिद के परिवार के लोग दुल्हन पक्ष के घर शामली पहुंचे, तो आबिद भी सऊदी अरब में नाहिद अंजुम की चचेरी बहन के यहां दूल्हा बनकर पहुंचा था। परिवार के लोगों के मुताबिक दोनों ही जगह शादी की तैयारियां करनी पड़ी। दुल्हन के घर पर बारातियों की मेहमानवाजी की गई, तो सऊदी अरब में चचेरी बहन के यहां दावत का इंतजाम किया गया। शादी संपन्न होने के बाद दोनों ही परिवारों में खुशियां मनाई गईं।
सोमवार को दूल्हा पक्ष के लोग आबिद के प्रतिनिधि (वकील) के रूप में मोहम्मद नाजिम को साथ लेकर लड़की के घर पहुंचे। फिर शाही जामा मसजिद में इमाम मौलाना शौकीन ने दोनों पक्षों के गवाह इश्तकार और करम इलाही के सामने मेहर की रकम 21 हजार रुपये के साथ सऊदी में बैठे आबिद को वीडियो कॉल कर निकाह की रस्म पूरी कराई। जहां सऊदी अरब में बैठे आबिद ने निकाह कबूल फरमाया, तो शामली में उसके प्रतिनिधि (वकील) के रूप में चचेरे भाई नाजिम ने आबिद के लिए नाहिद अंजुम को कबूल किया।
इसके बाद सभी ने खुुशी जाहिर की। इसी तरह नाहिद अंजुम ने भी आईएमओ पर आबिद को कबूल कर लिया। यह शादी शुक्रवार को शामली में चर्चा
का विषय बनी रही।
कागजात पूरे नहीं होने के कारण दूल्हा आबिद भारत नहीं आ सका। शादी की तारीख तय थी, जिसके चलते वीडियो कॉल के जरिये निकाह संपन्न कराया गया। प्रतिनिधि (वकील) के तौर पर आबिद के चचेरे भाई ने अपने भाई के लिए निकाह कबूल किया, जिसके बाद शादी संपन्न हो गई। - मौलाना शौकीन, इमाम शाही जामा मस्जिद शामली।