शामली। सड़क हादसों में घायल लोगों को अब इलाज के लिए आर्थिक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। भारत सरकार की एक अहम कैशलेश उपचार योजना के तहत पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला परिवहन अधिकारियों (एआरटीओ) को पत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि यह योजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की संयुक्त भागीदारी से शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के तुरंत बाद पीड़ितों को बिना किसी आर्थिक बोझ के बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है।
n यह दिए निर्देश : आयुक्त ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन के लिए जरूरी है कि संबंधित जिले का प्रशासन ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम और पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम पर ऑनबोर्ड हो। साथ ही, प्रत्येक जिले को भारतीय रिजर्व बैंक के साथ एक खाता भी खोलना होगा, ताकि भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ हो सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया जाए और एक शिकायत निवारण अधिकारी की भी तैनाती की जाए। ताकि हादसे के बाद पीड़ित या उनके परिजन सीधे संबंधित अधिकारी और अस्पताल से संपर्क कर इलाज की प्रक्रिया पूरी कर सकें।