कांधला। नोटबंदी के फैसले के तीन सप्ताह बाद भी बैंकों के बाहर ग्राहकों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। गांव गंगेरू में रुपये निकालने के दौरान दो पक्षों में मारपीट भी हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची, तो दोनों पक्ष शांत होकर घर लौट गए।
नोटबंदी के कारण खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की बैंक शाखाओं पर लगातार भीड़ बढ़ रही है। ग्रामीण सुबह पांच बजे से ही लाइन में लगने को मजबूर हैं। पंजाब नेशनल बैंक में गंगेरू, गढी दौलत, खेड़ा कुरतान, इस्सोपुर सहित अन्य कई गांव के लोगों ने अपने खाते खुलवा रखे हैं। बैंक स्टाफ ने ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए एक दिन में एक गांव को कैश देने व सभी गांवों के ग्रामीणों को रुपये जमा कराने की सुविधा दे रखी है। बुधवार को गांव गंगेरू के ग्रामीणों को कैश देने का नंबर था।
जिसके चलते गांव के सैंकड़ों लोगों ने सुबह पांच बजे से ही लाइन लगा ली थी। बैंक स्टाफ के आने के बाद ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। हंगामे के बीच गांव के ही बुंदा और हनीफ पक्ष के लोगों में गाली गलौज के बाद मारपीट हो गई । दोनों पक्षों की मारपीट में लाइन में लगा गांव का नवाब भी चोटिल हो गया।
सूचना पर थाना प्रभारी अनुराधा सिंघल ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही दोनों पक्षों के लोग वहां से निकल गए। उधर, कस्बा कांधला स्थित को-आपरेटिव बैंक में कैश न आने व पुराने रुपये जमा न होने के चलते ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय स्टेट बैंक, यूको और कार्पोेरेशन बैंक के बाहर ग्राहकों की लंबी लाइनें लगी रहीं। दोपहर बाद कई बैंकों में कैश समाप्त हो जाने के बाद उपभोक्ताओं को मायूसी हाथ लगी।