शामली स्टेट बैंक पर प्रदर्शन करते बैंककर्मी।
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शामली। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंकों की हड़ताल का दूसरे दिन भी व्यापक असर रहा। नगदी का संकट गहराने से लोग एक से दूसरे एटीएम तक भटकते रहे। दो दिन की हड़ताल से लगभग 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है। बैंक कर्मचारियों ने निजीकरण का विरोध करते हुए विधायक तेजेंद्र निर्वाल के कैंप कार्यालय पर पहुंचकर ज्ञापन भी दिया।
मंगलवार को जिले में की राष्ट्रीयकृत बैंकों की लगभग 100 शाखाओं में कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के पहले दिन 50 करोड़ और दूसरे दिन भी लगभग 50 करोड़ कुल 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। लगातार चार दिन से बैंक बंद होने से नगदी का संकट गहराया रहा। शहर के अधिकांश एटीएम भी ठप रहे। एमएसके रोड, धीमानपुरा, बुढ़ाना, कैराना और झिंझाना रोड पर लगे विभिन्न बैंकों के एटीएम में नगदी नहीं मिली। लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
एमएसके रोड स्थित एसबीआई के एटीएम का शटर तो खुला था, लेकिन कैश नहीं था। प्रदीप और अंकुर ने बताया कि शहर के कई एटीएम पर घूमने के बावजूद नगदी नहीं मिली। ओमपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने सोमवार को पड़ोसी से उधार लेकर बिजली का बिल जमा किया था। मंगलवार को भी कहीं नगदी नहीं मिली। बैंक शाखाओं पर सुबह से ही हड़ताल के नोटिस चस्पा कर दिए गए थे। बैंक कर्मचारियों ने यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन के बैनर तले विभिन्न बैंकों की शाखा पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।
यूनियन के जिला संयोजक विपिन कुमार पूनिया व हेमंत टिहरी ने कहा कि आम जनता को हड़ताल के कारण परेशानी हुई, लेकिन हड़ताल सरकार ने जबरन थोपी है। भारतीय जीवन बीमा निगम के निजीकरण का भी विरोध करते हैं। मौके पर अशोक सोलंकी, हेमंत, सुभाष तोमर, मनोहरलाल, सुशील गौतम, अरूण मित्तल, संयम जैन, अशोक बंसल, फिरदौस खान मौजूद रहे।