कैराना। एक जुलाई से अदालतों नई आईपीसी व सीआरपीसी के तहत मुकदमे लड़े जाएंगे। इसके अलावा थानों में भी नई आईपीसी में मुकदमे दर्ज होंगे। इसके लिए अधिवक्ता पूरी तरह तैयार हैं।
वर्तमान में हत्या के अपराध में आईपीसी की धारा 302 लगती थी। वही नई आईपीसी में हत्या के अपराध में अब धारा 103 के तहत मुकदमा दर्ज होगा। इस प्रकार काफी धाराओं में बदलाव किया गया है। कुछ धाराओं में सजा बढ़ाई गई है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रह्म सिंह ने बताया कि नई आईपीसी की पुस्तक आ गई है। इसमें पुरानी धाराओं के स्थान पर लगने वाली नई धारा को बताया गया है। कुछ अपराधों में सजा भी बढ़ाई गई है।
नई आईपीसी से कोई परेशानी नहीं है। अधिवक्ता नीरज चौहान, मुनेंद्र सिंह, मौ. सालिम, मनीष कौशिक, राहुल चौहान ने बताया कि नई आईपीसी में शुरू के कुछ दिनों तक परेशानी होगी। मगर बाद में कोई दिक्कत नहीं आएगी। कुछ धाराओं में सजा का इजाफा भी किया गया है।