शामली। एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों और दलालों के गठजोड़ का राज कॉल डिटेल से खुलेगा। अमर उजाला के खुलासे के बाद विभागीय अधिकारियों ने कॉल डिटेल निकलवाने के लिए पुलिस से भी मदद मांगी है। उधर, डीएम ने कहा कि प्रकरण में जो भी संलिप्त होंगे, सभी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अमर उजाला ने एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों और दलालों के लर्निंग और डीएल लाइसेंस को चल रहे खेल को लेकर प्रमुखता के साथ खबरें प्रकाशित की। पड़ताल के दौरान दलालों ने दावा किया था कि उनकी एआरटीओ कार्यालय के अंदर मौजूद कर्मचारियों से भी मिलीभगत है। इस मामले को एआरटीओ रोहित राजपूत ने गंभीरता से लिया है। कहा कि मिलीभगत का पता लगाने के लिए पुलिस का सहयोग मांगा गया है। जिस भी कर्मचारी की मिलीभगत मिलती है, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बताया कि 12 से अधिक दलालों को चिह्नित किया गया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
उधर, जिलाधिकारी रविंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले में एआरटीओ से भी जवाब-लब किया जाएगा। लोगों को किसी तरह की दिक्कत है तो शिकायत कर सकते हैं, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कार्यालय नई जगह शिफ्ट होने से दलालों पर लगेगा अंकुश
इस बार परिवहन विभाग का कार्यालय एसपी कार्यालय के पास बनाया गया है जो एक सप्ताह के अंदर शिफ्ट कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि एसपी कार्यालय नजदीक होने के कारण दलालों पर भी अंकुश लगेगा।
कहीं दलालों को बचाने की तैयारी तो नहीं
तीन दिन बीतने के बाद भी एआरटीओ ने दलालों के खिलाफ कार्रवाई कराना मुनासिब नहीं समझा है। आशंका है कि कहीं विभागीय अधिकारी दलालों को बचाने की तैयारी तो नहीं कर रहे हैं। छापामारी करना तक मुनासिब नहीं समझा जा रहा है।