शामली। जिले की तीनों चीनी मिलों ने 142 लाख 99 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की है। जिसके आधार पर चालू पेराई सत्र का 191 करोड़ 15 लाख रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। किसानों को 14 दिन में नियमित गन्ना भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
जिले की शामली, थानाभवन और ऊन चीनी मिल पर 231 करोड़ 70 लाख रुपया बकाया था। जिसमें से तीनों चीनी मिलों ने किसानों का 40 करोड़ 65 लाख रुपये भुगतान किया है। शामली चीनी मिल द्वारा 14 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने के बाद 77 करोड़ 15 लाख रुपये बकाया है। इस चीनी मिल ने 36.35 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। ऊन चीनी मिल पर पिछले साल का 24 करोड़ रुपया बकाया है।
चालू पेराई सत्र में इस मिल ने 10.72 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। चालू पेराई सत्र का 19.77 करोड़ रुपये सहित मिल पर 43 करोड़ 77 लाख रुपया कुल बकाया हो गया है।
बजाज ग्रुप की थानाभवन चीनी मिल ने चालू पेराई सत्र में 95.92 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। मिल पर 120.77 करोड़ बकाया में से 25.75 करोड़ रुपये का पिछला भुगतान किया है। नए पेराई सत्र का थानाभवन चीनी मिल पर 95 करोड़ दो लाख रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। जिला गन्नाधिकारी डॉक्टर अनिल भारती ने बताया कि जिले की चीनी मिलों पर 191 करोड़ 15 लाख रुपया बकाया है। चालू वर्ष में जिले की चीनी मिलों ने 142.99 लाख
क्विंटल गन्ने की पेराई की है।
ऊन चीनी मिल ने किसानों के पिछले साल के 24 करोड़ रुपये का भुगतान 10 जनवरी तक करने का वादा किया था, अभी तक पुराना भुगतान साफ नहीं किया है। चीनी मिलों की ओर से 14 दिन में गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है।