गुड़ मंडी में बंद रहा कारोबार, 35 लाख का नुकसान
शामली। कोल्हुओं पर बन रहे गुड़ और खांड की कथित रुप से मंडी शुल्क और आढ़त दिए बिना सीधे दूसरे राज्यों में सप्लाई के विरोध में शामली गुड मंडी पूरी तरह बंद रही। व्यापारियों ने मंडी समिति सचिव दफ्तर पर धरना दिया। कहा कि मंडी समिति कर्मियों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। आढ़त पर माल नहीं आता और समिति अफसर मंडी शुल्क का दबाव बनाते हैं। हड़ताल से प्रतिदिन करीब 35 लाख का कारोबार और 50 हजार के मंडी शुल्क का नुकसान हुआ है।
माजरा रोड स्थित शामली गुड़ मंडी के व्यापारियों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को अपने प्रतिष्ठान (आढ़त) बंद रखे। कुछ काश्तकार गुड़ और शक्कर लेकर आए लेकिन काश्तकार के अनुरोध पर उसे अपनी आढ़त पर रखवा लिया गया। माल की बोली और बिक्री नहीं हुई। सुबह 10 बजे कारोबारी एकत्रित होकर मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में मंडी समिति सचिव कार्यालय पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। दोपहर एक बजे तक धरना चला। इनमें दिनेश जैन, सतीश कुमार, पवन संगल, राकेश गर्ग, प्रवीण कुमार, सुंदरलाल, अशोक कुमार सुनील बंसल राकेश गर्ग आदि शामिल रहे। मंडी व्यापार संघ अध्यक्ष ने बताया कि धरना स्थल पर कोई बड़ा अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया। मंगलवार को भी मंडी बंद रहेेगी और धरना दिया जाएगा।
आढ़त पर माल नहीं, कहां से दें मंडी शुल्क
मंडी व्यापार संघ अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि जिले में सैकड़ों कोल्हू चल रहे हैं, लेकिन वहां बनने वाला गुड़ और खांड मंडी में आढ़त पर आने की बजाय कुछ बिचोलिये टाइप के लोग सीधे पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों में ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं। माल आढ़त पर ना आने से व्यापारियों को डेढ़ प्रतिशत आढ़त का नुकसान है जबकि ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क की चोरी हो रही है, लेकिन मंडी समिति अफसर कोई ध्यान नहीं दे रहे। यही वजह है कि मंडी में कारोबार घट गया है। तीन हजार क्विंटल तक प्रतिदिन गुड़ आता था जो अब 1000 से 1300 क्विंटल रह गया है।
अफसरों जागें तो सुधरे स्थिति
व्यापारियों ने कहा कि जब उनकी आढ़त पर माल नहीं आएगा तो वह मंडी शुल्क कहां से देंगे, लेकिन मंडी समिति वाले रोजाना आढ़त पर आकर मंडी शुल्क की रसीद कटवाने का दबाव बनाते हैं। कहते हैं कि पिछले साल से कम टारगेट नहीं होना चाहिए। मंडी समिति अफसर यदि सख्ती करें तो कोल्हुओं से माल बाहर सप्लाई नहीं होगा और सीधे मंडी में में पहुंचेगा।
शामली गुड़ मंडी के आंकड़े
कुल व्यापारी - 150
वर्तमान प्रतिदिन आवक 1000-1300 क्विंटल
प्रतिदिन कारोबार 30-35 लाख रुपये
मंडी शुल्क प्राप्ति 50 हजार रुपये प्रतिदिन
कोट
बाहर माल जाने से रोकने को सचल दल चेकिंग कर रहा है। नवंबर माह में बिना मंडी शुल्क माल ले जाने वालों से पांच लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है। गुड़ कारोबार से रोजाना करीब 50 हजार का राजस्व मंडी शुल्क के रुप में मिलता है। यदि व्यापारियों को बिना मंडी शुल्क दिए सीधे माल बाहर सप्लाई करने की पुख्ता जानकारी है तो विभाग को दें, उस पर कार्रवाई की जाएगी। - अरुण कुमार, सचिव मंडी समिति
शामली नवीन मंडी में बंद पडी व्यापारियों की दुकाने- फोटो : SHAMLI