शामली सुनसान पडा रोडवेज बस अडडा
- फोटो : SHAMLI
शामली। जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन की आशंका के कारण लोग अलर्ट रहे। अधिकांश लोगों ने यात्रा करने का कार्यक्रम टाल दिया। जिसके चलते रोडवेज बसों में यात्री कम नजर आए। बस अड्डे और रेलवे स्टेशनों पर आम दिनों की तुलना में सन्नाटा था। स्कूलों में भी बच्चों की उपस्थिति 50 फीसदी तक कम रही।
पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कई जिलों में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन और हिंसा हुई थी। जिस कारण अभिभावक पहले से ही अलर्ट थे। हालांकि पुलिस प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए थे, लेकिन लोगों ने आशंका के चलते बाहर जाने का कार्यक्रम टाल दिया।
30 प्रतिशत कम हुए यात्री
शहर के दिल्ली बस अड्डे पर अन्य दिनों की तुलना में यात्रियों की काफी कम संख्या थी। यात्री प्रतीक्षालय भी खाली पड़ा था। बस स्टैंड पर खड़ी बसों में भी तीन चार सवारियां थी। शामली डिपो कार्यालय के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि अन्य दिनों की तुलना में 30 प्रतिशत यात्री कम हैं। ठंड की वजह से पहले ही यात्री कम चल रहे हैं। डिपो का प्रतिदिन का कलेक्शन 2.80 लाख से घटकर 1.80 से दो लाख तक रह गया है। शामली रेलवे स्टेशन पर भी सन्नाटा नजर आया।
स्कूलों में 50 प्रतिशत उपस्थित कम हुई
जिले में प्रशासन ने कक्षा आठ तक के स्कूलों को बंद किया हुआ है। कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल खुले हैं लेकिन माहौल के चलते शुक्रवार को स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति भी कम रही। अभिभावकों ने अपने छात्रों को स्कूल नहीं भेजा। सिल्वर बेल्स स्कूल के प्रधानाचार्य एके गोयल ने बताया कि उनके यहां कक्षा नौ और 11 के बच्चों की 50 प्रतिशत उपस्थित रही।
बाजार में सब कुछ सामान्य
माहौल का बाजारों पर कोई असर नहीं दिखा। शामली के सभी बाजार खुले रहे और अच्छी चहल पहल रही। एक दो दिन में नए साल की शॉपिंग भी शुरू हो जाएगी। कैराना में भी बाजार ग्राहकों से गुलजार रहे और लोगों ने खरीददारी की।
शामली में सुनसान पड़ा रेलवे स्टेशन।- फोटो : SHAMLI