शामली। ऊर्जा निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने के नाम पर रिश्वत मांगने का खेल चल रहा है। पेट्रोलमैन की नौकरी लगवाने के लिए 40 हजार रुपये मांगने का आरोप एक जेई पर लगा है। जेई और आउटसोर्स कर्मचारी के बीच बातचीत का कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें 30 और 40 हजार रुपये को लेकर बातचीत सुनाई दे रही है। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने छह माह पहले हटाए गए 150 से अधिक कर्मचारियों और हाल में हुई भर्तियों की जांच शुरू कर दी है।
अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने एक्सईएन और एसडीओ के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की है। करीब छह माह पहले जिले में तैनात 150 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को अलग-अलग कारणों से हटा दिया गया था। विरोध में कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया था। बाद में कुछ कर्मचारियों को दोबारा रखा गया। अब मेहर इंटरप्राइजेज के माध्यम से नए कर्मचारियों की भर्ती और तैनाती की प्रक्रिया चल रही है।
-तीस नहीं, चालीस हजार का जुगाड़ होना चाहिए
कथित रिकॉर्डिंग में कर्मचारी 30 हजार रुपये की व्यवस्था की बात करता है। इसके जवाब में जेई की ओर से 40 हजार रुपये की बात कही जाती है। बातचीत में किसी दूसरे कर्मचारी से रकम लिए जाने का भी जिक्र है। हालांकि, वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं हुई है और अधिकारी इसकी जांच में जुटे हैं।
-अन्य भर्तियों की भी जांच की मांग
विद्युत संविदा कर्मचारी समिति के अध्यक्ष भीष्म सिंह, महामंत्री संदीप कुमार उपाध्याय और दिलावर सिंह समेत अन्य कर्मचारियों ने शिकायत की है। समिति का आरोप है कि नए आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक की मांग की जा रही है। समिति ने हाल में हुई सभी भर्तियों की जांच की मांग की है। अध्यक्ष भीष्म सिंह ने बताया कि रुपये देने के बाद एक कर्मचारी को एक अक्तूबर को तैनाती मिलने की जानकारी सामने आई है। समिति ने कार्रवाई नहीं होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
वर्जन
मामला गंभीर है, जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -वीरेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता
-आरोप बेबुनियाद
दथेड़ा जेई मनोज कुमार ने रिश्वत मांगने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि राजनीतिक कारणों से कुछ लोग इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।
-जेई की संस्तुति पर तैनाती की चर्चा, इस पहलू की भी जांच
आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में रुपये मांगने के आरोपों के बाद कंपनी के पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि जेई की संस्तुति पर ही आउटसोर्स कर्मचारियों को तैनाती दी जा रही है। ऐसे में जेई की संस्तुति पर हुई तैनातियों और कंपनी के पदाधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।