शामली। चीन की सीमा पर बढ़े तनाव और हिंसक झड़पों को लेकर पूर्व सैनिकों में चीन के खिलाफ गुस्सा है। उन्होंने कहा कि हिंसक झड़पों में भारतीय सैनिकों के शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा कि चीन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने चीन को धोखेबाज बताते हुए देशवासियों से कहा कि चीन के सामान का पूरी तरह बष्हिकार कर चीन को आर्थिक रीढ़ पर वार करें। उन्होंने सरकार से भी चीन के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने की मांग की।
विश्वासघाती चीन से कोई संबंध न रखें
चीन के उत्पादों का पूरी तरह बहिष्कार किया जाना चाहिए। ऐसा कर उसका परोक्ष रूप से मुकाबला करें उसे आर्थिक रूप से कमजोर बनाया जाए। चीन विश्वासघाती देश है, इससे किसी तरह का संबंध नहीं रखना चाहिए। सीमा पर हिंसक झड़प में जो नुकसान हुआ है, उसका मुंहतोड़ जवाब दें।
- सतीश चौहान पूर्व सैनिक, गांव बलवा, हाल निवासी दयानंद नगर।
चीन को उसी की भाषा में जवाब दें
चाइनीज आइटमों का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाएं। चीन हमेशा कूटनीतिक चाल चलता है। उसे उसकी भाषा में जवाब देना चाहिए। सरकार इस मामले में ठोस निर्णय ले और चीन को सबक सिखाएं।
-हवलदार प्रमोद कुमार, काकानगर।
चीन के उत्पादों का पूरी तरह बहिष्कार करें
चीन के उत्पादों का भारत सबसे बड़ा बाजार है। चीन में उत्पादों का देश से पूरी तरह बहिष्कार कर उसके खिलाफ परोक्ष रूप से लड़ाई लड़ी जाए। चीन धोखेबाज देश है। उसके साथ किसी तरह का संबंध न रखा जाए।
- सतेंद्र सिंह, सीपीओ, काकानगर।
चीन को कड़ा सबक सिखाने की जरूरत
चीन ने जो कायराना हरकत की है, उसके लिए उसे कड़ा सबक सिखाने की जरूरत है। उन्हें सरकार से उम्मीद है कि वह इस मामले में ठोस निर्णय लेगी और उसे ऐसा सबक सिखाएंगी कि वह दोबारा ऐसी नापाक हरकत की कोशिश करने की हिम्मत नहीं कर पाएगा
- राजेंद्र सिंह, हवलदार, तितरवाड़ा।
चीन से सभी तरह के संबंध खत्म करें
चीन ऐसा देश है जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। उसकी बातों पर यकीन नहीं किया जा सकता। चीन ने सीमा पर जो हालात बनाए है, उसका सबक उसे सिखाने की जरूरत है। चीन से व्यपारिक समेत सभी तरह के संबंध खत्म कर देने चाहिए।
- संजीव चौहान, इंडियन नेवी, पंजोखरा।
चीन को मुंहतोड़ जवाब दे सरकार
चीन ने सीमा पर जो कायराना हरकत की है, उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। चीन ऐसा देश है कि जो हमेशा जमीन पर कब्जा करने की नीयत रखता है। ऐसे दगाबाज देश से संबंध खत्म कर देने चाहिए। चीन के सभी तरह के सामानों का बहिष्कार करना चाहिए।
- भोपाल सिंह, हवलदार, काकानगर।