शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए सत्ता और विपक्षी दलों में खींचतान मची है। बहुमत हासिल करने के लिए दोनों पक्ष सदस्यों को तोड़ने में जुटे हुए हैं और दोनों ही बहुमत का दावा कर रहे हैं। चार सदस्य जीतने के बावजूद भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए पर्याप्त सदस्य होने का दावा ठोक दिया है वहीं विपक्ष के सामने सदस्यों को अपने पक्ष में बांधे रखने की चुनौती है।
19 सदस्यों वाली जिला पंचायत में अध्यक्ष पद पर जीत के लिए कम से कम 10 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा के समर्थन से चार ही सदस्य जीतकर आए थे जबकि रालोद के पांच और सपा के समर्थन से दो सदस्य जीते हैं। दोनों दलों ने संयुक्त रूप से अंजलि को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। सदस्यों की संख्या के हिसाब से देखें तो विपक्ष की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। सपा और रालोद समर्थित सात सदस्यों के अलावा उन्हें कुछ निर्दलियों का भी समर्थन है। इसके विपरीत मात्र चार सदस्यों के साथ भाजपा खेमा कमजोर नजर आ रहा था। भाजपा नेता सदस्यों को अपने पक्ष में करने में जुटे हुए हैं। जिला पंचायत चुनाव की जिम्मेेदारी संभाल रहे कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने शुक्रवार को पूर्व एमएलसी वीरेंद्र सिंह से मिलकर चुनाव को लेकर मंथन किया। मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि भाजपा के पास बहुमत है। जिला पंचायत सदस्य विकास के मुद्दे पर उनके साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही बनेगा। हालांकि किन-किन सदस्यों का समर्थन भाजपा उम्मीदवार को मिलेगा, इसका खुलासा अभी नहीं किया जा रहा है।
उधर, सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि संयुक्त प्रत्याशी को 12 सदस्यों का समर्थन है। सभी मजबूती से प्रत्याशी के साथ खड़े हुए हैं। चुनाव में संयुक्त प्रत्याशी की ही जीत होगी। उधर, रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन का भी दावा है कि संयुक्त प्रत्याशी के समर्थन में बहुमत है। 26 जून को नामांकन होना है। संयुक्त प्रत्याशी की ही जीत होगी।