शामली/ कांधला/ कैराना। कैराना पलायन प्रकरण को लेकर पीड़ितों से बातचीत करने के लिए आने वाले हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को रोकने के लिए जिले भर में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। दिल्ली-सहारनपुर मार्ग, पानीपत-खटीमा मार्ग, मेरठ करनाल मार्ग आदि मार्गों पर अधिकारियों ने वाहनों की सघन चेकिंग कराई और किसी भी पदाधिकारी को अंदर नहीं आने दिया गया।
भाजपा सांसद हुकुम सिंह द्वारा कैराना के 346 हिंदू परिवारों के पलायन की सूची जारी करने के बाद से यह मुद्दा गरमा रहा है। इसको लेकर तमाम हिंदू संगठनों के लोग पीड़ितों से बात करने के लिए कैराना आना चाहते हैं। इसी कड़ी में रविवार को हिंदू युवा वाहिनी और अखिल भारतीय हिंदू महासभा के लोग कैराना आने वाले थे। माहौल न बिगडे़ और उनको कैराना में जाने से रोका जाए, इसके लिए सुबह से ही पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
शामली में पड़ोसी जनपदों से सटी सीमा पर पुलिस बल तैनात किया गया था। शामली में मेरठ करनाल रोड और जलालाबाद, बंतीखेड़ा में पुलिस फोर्स लगाई गई थी। इसके अलावा कैराना में यमुना पुल पर फोर्स तैनात रही।
जबकि दूसरी ओर हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों को कैराना पहुंचने से रोकने के लिए सीओ निशांक शर्मा, एसडीएम शामली, थाना प्रभारी साहब सिंह पीएसी बल के साथ बागपत बॉर्डर पर जा पहुंचे। सीओ ने दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों की सघन चेकिंग कराई। पूर्वी यमुना नहर पटरी पर भी पुलिस का पहरा लगाया गया। करीब एक घंटे तक पुलिस बॉर्डर पर ही जमी रही।