शामली/ कैराना /चौसाना। पहाड़ी इलाकों में कई दिनों से हो रही बरसात के चलते ताजेवाला बांध पर पानी का दबाव बढ़ गया है। इसके चलते हथिनीकुंड बैराज से रविवार को रिकार्ड 8.14 लाख लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ दिया गया। यह पानी सोमवार सुबह तक जिले में पहुंच जाएगा। लिहाजा तटवर्ती गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यमुना किनारे वालों को मकान खाली करने को कह दिया गया है। देर शाम डीएम समेत प्रशासनिक और सिंचाई विभाग के अफसर दौरा कर हालातों पर नजर रखे हुए थे।
हथिनीकुंड बैराज से रविवार की सुबह सात बजे 1.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद लगातार पानी छोड़ने का क्रम जारी रहा। शाम पांच बजे तक 8.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका था। यह आंकड़ा पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा छोड़े गए पानी का है। इतना अधिक पानी छोड़ने से यमुना उफान पर आ गई है। प्रशासन के अनुसार जिले में इस पानी का असर सोमवार 10 से 12 बजे तक नजर आएगा। इसी को देखते हुए सिंचाई विभाग के अफसरों ने हाई अलर्ट कर दिया है। यमुना किनारे बसे करीब 15 गांवों के प्रधानों को सूचना देकर ग्रामीणों को गांव के दूसरे छोर पर अपने परिचितों के यहां जाने को कह दिया गया है। देर शाम लोगों ने अपने मकान खाली करने शुरू कर दिए थे। यमुना किनारे बने बिटौड़े, भूंसे के कूपों से ग्रामीण अपना सामान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भरकर ले जाने ले जाने लगे थे। सबसे ज्यादा खतरा कलरी, चौतरा, आदि चौसाना क्षेत्र के गांवों में हैं।
डीएम अखिलेश सिंह ने पहले ऊन क्षेत्र में यमुना के तटवर्ती गांवों का दौरा किया। इसके बाद वे कैराना क्षेत्र में पहुंचे। तहसीलदार और सिंचाई विभाग की टीम चौतरा गांव में कटान की आशंका देख तटबंध पर बल्लियां आदि लगाकर मजबूत करने में जुटी थी। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तटवर्ती गांवों में कैंप करने को कहा है।
मंदिर मस्जिदों से कराया गया एलान
कैराना/चौसाना। तटवर्ती गांवों में मंदिर और मस्जिदों एलान करा कराया गया। ग्रामीणों को यमुना से दूर रहने को कहा गया। बच्चों को यमुना किनारे ना भेजने की सलाह दी गई। हलका लेखपालों को अपने क्षेत्र मे हर समय नजर रखने को कहा गया है।
रविवार को हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी की स्थिति
सुबह 7 बजे 155275 क्यूसेकयमुना
सुबह 8 बजे 257947 क्यूसेक
सुबह 9 बजे 325518 क्यूसेक
सुबह 10 बजे 430817 क्यूसेक
सुबह 11 बजे 510211 क्यूसेक
दोपहर 12 बजे 593986 क्यूसेक
दोपहर 1 बजे 656385 क्यूसेक
दोपहर 2 बजे 707786 क्यूसेक
अपराहन 3 बजे 760466 क्यूसेक
शाम 4 बजे 785277 क्यूसेक
शाम 5 बजे 814397 क्यूसेक
यमुना किनारे बसे 30 गांव
शामली जिले के गांव चैसाना, भड़ी, मुस्तफाबाद, नाई नगला, मंगलौरा, ऊदपुर, काला माजरा, बिडौली, चैतरा, कलरी, बसेड़ा, जैनपुर, बल्हेडा, खुरगान, सकौती, डोकपुरा, मंसूरा, तिसंग, खोकरी, लक्ष्मीपुरा, मंड़ावर, रामड़ा, पठेड, मामौर, खुरगान, मवी, डुंडूखेड़ा, सहपत, गढ़ी रामकौर और इस्सोपुरटील गांव यमुना किनारे बसे है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण ताजेवाला पर पानी का दबाव बढ़ा है। हथिनीकुंड से छोड़ा गया पानी सोमवार दोपहर 12 बजे तक जिले में पहुंचने की संभावना है। तटवर्ती गांवों को हाईअलर्ट कर दिया गया है। चौतरा और कलरी गांवों में सबसे ज्यादा प्रभाव की संभावना जताई जा रही है। सिंचाई विभाग के की टीम वहां वैकल्पिक बचाव के इंतजाम करने में जुटी है। एसडीएम, तहसीलदारों को तटवर्ती गांवों में दौरा करने को कहा गया है। लेखपालों को भी लगाया गया है। - अखिलेश सिंह डीएम शामली।
शामली के चौसाना में बढ़ता यमुना नदी का जलस्तर।- फोटो : SHAMLI
शामली के चौसाना में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से होता कटान।- फोटो : SHAMLI