शामली। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में निपुण बनाने के साथ उनमें संस्कार और साहस भी पैदा करने की योजना है। इसी उद्देश्य से प्राथमिक स्कूलों में स्थापित लाइब्रेरी कॉर्नर को प्राचीन कहानियों की पुस्तकों से भरने का निर्णय लिया गया है। लाइब्रेरी कॉर्नर के लिए प्राथमिक स्तर और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 590 सेट पुस्तकों के भेजे गए हैं। जल्द ही इन्हें स्कूलों के लाइब्रेरी कॉर्नर में स्थापित कराया जाएगा।
शासन की ओर से स्कूलों में शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार का निर्णय लिया गया है। इसके तहत समय-समय पर स्कूलों में तरह-तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में तीन साल पहले लाइब्रेरी कॉर्नर स्थापित किया गया था। इसमें कुछ किताबें भी उपलब्ध कराई गई थीं। अब शासन ने लाइब्रेरी कॉर्नर को विकसित करने का निर्णय लिया है।
क्वालिटी ऑफ स्कूल कार्यक्रम के तहत बेसिक शिक्षा विभाग को प्राथमिक स्तर के लिए 29 कहानियों की किताबें उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर 58 कहानियों की पुस्तकें बीएसए कार्यालय में उपलब्ध हो चुकी हैं। जल्द ही इन किताबों को स्कूलों में भेजा जाएगा।
प्रधानाध्यापक की सहमति से होगा आवंटन : प्रभारी बीएसए जेएस शाक्य ने बताया कि छात्रों को ये किताबें स्कूल और घर पर पढ़ने के लिए प्रधानाध्यापक की सहमति से उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए अलग से एक रजिस्टर तैयार होगा, जिसमें यह दर्ज होगा कि कौन सी किताब किस छात्र को आवंटित की गई और उसने कब वापस की, इसका पूरा लेखा-जोखा रहेगा।