शामली में रात में खुला इंडियन बैंक का एटीएम।
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शामली में नोटबंदी को एक वर्ष पूरा हो चुका है। अब जाकर लोगों की परेशानी कुछ कम हुई है। बाजारों में भी रौनक दिखाई देने लगी है। दुकानदारों का कहना है कि परेशानी तो हुई है, लेकिन क्षेत्र लगभग 40 प्रतिशत कारोबार कैशलेस हो गया है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि अब किसी को कोई परेशानी नहीं है।
शहर के लोगों को आठ नवंबर 2016 को हुई 500 और 1000 के नोटबंदी की बुधवार को एक बार फिर से याद गई। इसके चलते सभी ग्राहकों और दुकानदारों को करीब चार माह तक परेशानी और मंदी की जबरदस्त मार झेलनी पड़ी थी। मगर, अब क्षेत्र के लोग बैंकों से रुपये निकालने की लिमिट के चलते आम आदमी भी ऑनलाइन पेमेंट कर बार बार एटीएम और बैंकों की ओर जाने की परेशानी से बचने लगा है। दुकानदारों ने कैश की परेशानी के चलते पीओएस मशीनें लगाकर बाजारों में खरीदारों की संख्या बढ़ाई है। बंसल गारमेंटस विक्रेता अतुल बंसल ने बताया कि नोटबंदी के समय काफी परेशानी हुई थी।
इसके चलते बड़ा नुकसान झेलना पड़ा था, लेकिन अब जाकर समस्या का समाधान हुआ है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी ने क्षेत्र में कैशलेस व्यवस्था को बढ़ावा मिला है। करीब 40 प्रतिशत ग्राहक अब खरीदारी करने के लिए एटीएम का प्रयोग कर रहे है। जिस कारण कैश को लेकर हमारी परेशानी भी कम हुई है। मोबाइल विक्रेता पप्पन का कहना है कि मोबाइल खरीदते समय ज्यादातर ग्राहक एटीएम कार्ड और पेटीएम का प्रयोग कर रहे है। नोटबंदी के बाद से ही क्षेत्र डिजिटल इंडिया की ओर जा रहा है। जो देश के लिए एक अच्छा कदम है।
अब नहीं कोई परेशानी
इलाहाबाद बैंक प्रबंधक अरुण कुमार जैन का कहना है कि अब नोटबंदी का बैंक में कोई असर नहीं है। उस समय सभी का पैसा बैंकों में जमा हो गया था। इसके बाद कई माह तक ग्राहकों ने केवल पैसा निकाला ही है न कि जमा किया था। अब बैंकों में ग्राहक पैसा निकाल भी रहे और जमा भी कर रहे है। जिससे किसी को भी कैश के लिए कोई परेशानी नहीं आ रही है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद जिन ग्राहकों के पास एटीएम कार्ड नहीं थे उन सभी ने एटीएम बनवा लिए है। वहीं काफी दुकानदारों ने भी बैंक से पीओएस मशीन ली है। ग्राहक बैंकों में न आकर एप डाउनलोड कर भी ऑनलाइन प्रक्रिया का लाभ ले रहे है। व्यापारी भी ज्यादातर लेनदेन में चेक का प्रयोग कर रहे है।