शामली। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होंगी। इसके लिए जिले में 31 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 115 विद्यालयों के 23,175 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। सभी परीक्षा केंद्र कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे।
इस बार एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से लैस सीसीटीवी कैमरों के जरिए परीक्षा केंद्रों में त्रिस्तरीय निगरानी की जाएगी। इसके लिए डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यूपी बोर्ड इस बार तकनीकी संसाधनों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर रहा है।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मुख्य गेट से लेकर परीक्षा कक्ष तक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही डबल लॉक में रखे गए प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए भी एआई लैस कैमरों की व्यवस्था की जा रही है। डीआईओएस कार्यालय की ओर से सभी परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्यों को कैमरे लगवाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्र आईडी और पासवर्ड के माध्यम से यूपी बोर्ड मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ स्थित कंट्रोल रूम और जनपद स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से ऑनलाइन जोड़े जाएंगे। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी।
बोर्ड परीक्षा ड्यूटी से बचने के लिए बीमारी का बहाना इस बार शिक्षकों के काम नहीं आएगा। बीमारी के कारण अवकाश लेने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी मेडिकल प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा।
सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। परीक्षा शुरू होने से दो दिन पहले सभी केंद्र कंट्रोल रूम से जोड़ दिए जाएंगे। इस बार बीमारी का हवाला देकर कोई भी शिक्षक बोर्ड परीक्षा की जिम्मेदारी से नहीं बच सकेगा।
-ऐश्वर्या जायसवाल, डीआईओएस