शामली। सरकारी अस्पतालों की जांच रिपोर्टों में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। कैराना सीएचसी और जिला अस्पताल की लैब में एक ही गर्भवती महिला की हीमोग्लोबिन रिपोर्ट में महज सात घंटे के अंतराल में दो प्वाइंट से अधिक का अंतर निकल आया।
कैराना सीएचसी में जहां हीमोग्लोबिन 7.6 ग्राम/डीएल बताया गया, वहीं शाम को जिला अस्पताल में की गई जांच में यह बढ़कर 9.5 ग्राम/डीएल निकला। मामले को लेकर महिला के पति ने डीएम से शिकायत की, जिस पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
nकैसे सामने आया फर्क- पीड़ित की जुबानी : कैराना के प्राइवेट नौकरी करने वाले जिशान खान ने बताया कि उनकी पत्नी गुलफसा गर्भवती थी। 2 दिसंबर को प्रसव पीड़ा होने पर वह कैराना सीएचसी पहुंचे। वहां की महिला चिकित्सक ने जांच के बाद बताया कि गर्भवती का हीमोग्लोबिन 7.6 ग्राम/डीएल है, जो बहुत कम है।
डॉक्टरों ने कहा कि इस हालत में कैराना सीएचसी में भर्ती करना संभव नहीं है, इसलिए गर्भवती को जिला अस्पताल शामली रेफर कर दिया गया।
जिशान पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। लगभग 8:55 बजे रात जिला अस्पताल की लैब में हीमोग्लोबिन की दोबारा जांच की गई। रिपोर्ट में 9.5 ग्राम/डीएल पाया गया। फौरन महिला को भर्ती किया गया और उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई।
इसके बाद जिशान ने इस अंतर वाली रिपोर्ट को लेकर डीएम शामली को शिकायत देकर सवाल उठाए कि—क्या कैराना सीएचसी में जानबूझकर गलत रिपोर्ट बनाई गई।
जिला अस्पताल की डॉ. सानिया मिर्जा के अनुसार, गर्भवती की हीमोग्लोबिन जांच से एनीमिया का पता लगाया जाता है।