किसान महापंचायत में पहुंचे हजारों युवा
- फोटो : अमर उजाला
शामली गाजीपुर बॉर्डर की घटना के अगले दिन मुजफ्फरनगर में चौधरी अजित सिंह के पक्ष में बयान के बाद से भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने पंचायतों से दूरी बना ली है। बिजनौर और रामपुर की पंचायत में उनके पुत्र गौरव टिकैत शामिल हुए, लेकिन शामली के भैंसवाल में हुई पंचायत में दोनों में से कोई नहीं पहुंचा। एक दिन पहले चौधरी नरेश टिकैत का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रहे थे कि भैंसवाल की पंचायत से उनका कोई मतलब नहीं है।
शुक्रवार को गांव भैंसवाल में हुई पंचायत से भाकियू नेताओं ने दूरी बनाए रखे। भाकियू नेता गुड्डू बनत और सतपाल पहलवान पंचायत में शामिल हुए। जिले का अन्य कोई पदाधिकारी इस पंचायत में नजर नहीं आया। भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान और प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार के अलावा भाकियू के कई वरिष्ठ पदाधिकारी जिले में हैं लेकिन वे पंचायत में नहीं दिखे।
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के भाई नरेंद्र टिकैत पंचायत में पहुंचे, लेकिन वह कुछ बोले नहीं। माइक संभालकर उन्होंने किसानों को पंचायत में आने के लिए बस धन्यवाद दिया। रालोद और सपा नेताओं ने भाकियू अध्यक्ष को पंचायत के लिए निमंत्रण भिजवाया था। उम्मीद की जा रही थी कि यदि वे खुद नहीं आए तो गौरव टिकैत तो पंचायत में शामिल होंगे ही, लेकिन दोनों में से कोई नहीं पहुंचा।
कभी भाकियू की पंचायतों का संचालन करने वाले गुलाम मोहम्मद जौला को संबोधन के लिए नहीं बुलाया गया तो वह खुद ही माइक पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि क्या इस पंचायत में मुसलमानों को नहीं सुनना चाहते। उन्होंने पूछा कि जो युवा भटक गया था वह वापस आया कि नहीं। इस पर युवाओं ने हाथ खड़े किए।
उन्होंने पंचायत में शामिल मुस्लिम समाज के लोगों से भी हाथ उठवाए और कहा कि आगे और ज्यादा संख्या में शामिल हों। उन्होंने कहा कि पिछली गलती को भूलकर शांत रहना है। मुुजफ्फरनगर की पंचायत में जयंत चौधरी ने मंच पर गुलाम मोहम्मद जौला के पैर छुए थे। भैंसवाल में मंच पर आने पर गुलाम मोहम्मद ने जयंत चौधरी के सिर पर हाथ रख आशीर्वाद दिया।
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