शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक हुई, जिसमें वकीलों ने कहा कि सत्ता में आने पर नेता इस मुद्दे को भूल जाते हैं। आह्वान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के विरोध में वोटिंग की जाए, ताकि केंद्र सरकार से अपनी मांग मनवाई जा सके।
शनिवार को हुई बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन गजेंद्र पाल सिंह ने की। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अधिवक्ताओं ने कहा कि प. उप्र में हाईकोर्ट बेंच की मांग को केंद्र सरकार पूरी कर सकती है, मगर उसके लिए अधिवक्ताओं को जागरूक होना पड़ेगा।
नोएडा के अधिवक्ता प्रविंद्र भाटी, बागपत जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयवीर सिंह, मुजफ्फरनगर के प्रदीप मलिक, अलीगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता जयपाल सिंह, बड़ौत के अधिवक्ता वेदपाल सिंह, नोएडा बार के सचिव राहुल, मुजफ्फरनगर जिला बार के पूर्व अध्यक्ष अनूप सिंह, महासचिव सुरेंद्र मलिक, मेरठ जिला बार के अधिवक्ता पुष्प त्यागी, नोएडा बार के अध्यक्ष विपिन भाटी, मेरठ से सुधीर पंवार , उदयवीर राणा ने भी विचार रखे।
अंत में केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि अनूपशहर कांड के विरोध मेेेें केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल मंडलायुक्त मेरठ, बुलंदशहर के डीएम- एसपी से मिलकर अधिवक्ताओं के चैंबरों की भूमि वापस दिलाए जाने की मांग करेगी।
बैठक में तय किया गया कि केंद्रीय संघर्ष समिति की अगली बैठक 17 मार्च को सहारनपुर जिले में होगी। बैठक में जिला बार के अध्यक्ष चंद्रभान सिह, महासचिव सतीश चौहान, पूर्व अध्यक्ष रामपाल सिंह, कोषाध्यक्ष सतीश मिठालिया, सत्यपाल कश्यप, सौराज सिंह, भोपाल सिंह, जगदेव मौजूद रहे।