शामली। भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में करमूखेड़ी बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया।
धरने की शुरुआत सुबह साढ़े ग्यारह बजे हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग चेकिंग के नाम पर उत्पीड़न और अवैध वसूली कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से पहले उनकी सहमति ली जाए। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष शांता प्रधान और प्रदेश संगठन मंत्री मा. जाहिद के नेतृत्व में धरनास्थल पर उपस्थित किसानों ने अधीक्षण अभियंता को अपने बीच बैठा लिया और लिखित आश्वासन की मांग की।
किसानों ने ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर जलने पर तुरंत बदलना, दस हजार रुपये से कम बिल पर कनेक्शन न काटा जाएं, लिलौन में बिजली की शहर जैसी सुविधा मुहैया कराई जाएं, सिंकदरपुर बिजलीघर से हथछोया तक बंद 10 किलोमीटर लाइन चालू करना, जर्जर बिजली लाइनों को बदलना, दो साल से तैनात जेई और संविदा कर्मचारियों का दूसरी जगह तबादला आदि मांगें शामिल रहीं।
शाम चार बजे के लगभग अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह और चारों खंडों के अधिशासी अभियंता धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि किसानों की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे और हर माह की एक निश्चित तारीख को करमूखेड़ी बिजली घर में किसानों की समस्याओं की सुनवाई की जाएगी।
धरने में जावेद तोमर, मास्टर जाहिद, आशीष चौधरी, कपिल खाटियान, मोहित शर्मा, कुलदीप पंवार, मनोज तोमर, मेहरदीन, कविता चौधरी, रणकुमार, संजीव राठी, विकास मालैंडी, देशपाल दरगाहपुर, देवराज पहलवान, आमिर खान मौजूद रहे। अध्यक्षता रणकुमार ने की। संचालन मास्टर जाहिद व आशीष कुमार ने किया। बाद में धरने को समाप्त कर दिया गया।