शामली कोतवाली में खड़ी विजिलेंस टीम के अधिकारियों की गाड़ी।
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शहर कोतवाली में बीईओ से नौ घंटे तक हुई पूछताछ
शामली। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने बीईओ राजलक्ष्मी पांडेय से शहर कोतवाली में करीब नौ घंटे पूछताछ की। कार्रवाई के दौरान अंदर किसी को जाने की इजाजत नहीं दी गई। कार्रवाई के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा रहा। उधर. परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफार्म की सिलाई करने की जिम्मेदारी इस बार स्वयं सहायता समूहों को दी गई थी। इसके बावजूद कपड़े की खरीद में लेकर बड़ा खेल होने की आशंका जताई गई है।
सतर्कता अधिष्ठान की टीम सुबह करीब दस बजे बीईओ राजलक्ष्मी पांडेय को लेकर शहर कोतवाली पहुंची थी। टीम के साथ ही गवाह के रूप में लिए गए डीआईओएस एवं तहसील के पेशकार भी इंस्पेक्टर के केबिन में बैठकर कागजी कार्रवाई पूरी करते रहे। इस दौरान केबिन के बाहर पुलिस कर्मी तैनात रहे। किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया गया। टीम करीब नौ घंटे तक बीईओ से पूछताछ एवं कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटी रही। टीम करीब शाम को सात बजे कोतवाली से निकली।
जिले के 596 परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को 89,540 यूनिफार्म का वितरण किया गया है। इनमें से 77,364 यूनिफार्म की सिलाई का काम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया गया था, जबकि बाकी की जिम्मेदारी खादी ग्रामोद्योग को दी गई। शिकायतकर्ता सत्यपाल के अनुसार बीईओ ने उनसे कहा था कि उन्हें एक सौ रुपये प्रति बच्चे की दर से दें भले ही कपड़ा किसी भी तरह का सप्लाई करें। ठेकेदार का कहना है कि उन्होंने अच्छा कपड़ा सप्लाई किया है, जबकि कुछ जगहों पर अच्छे कपड़े की सप्लाई नहीं हुई। कपड़े की क्वालिटी में खेल कर बड़ा गोलमाल होने की आशंका है।
शामली शिकायतकर्ता सत्यपाल रूहेला।- फोटो : SHAMLI