दैनिक ग्राहक को तुरंत देने को तैयार हो गया, बाद में किया मना
संवाददाता ने एक दैनिक ग्राहक के माध्यम से भैंसवाल रोड पर एक मेडिकल स्टोर संचालक से प्रतिबंधित दवाई खरीदवाने का प्रयास किया। पहले तो मेडिकल स्टोर संचालक 100 रुपये में छह कैप्सूल देने को तैयार हो गया। मगर बाद में बाइक पर संवाददाता को देखकर कैप्सूल देने से मना कर दिया। इनके अलावा 12 अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों ने काले या फिर नीले पत्ते की दवाई देने से साफ इनकार कर दिया।
पुराने ग्राहक को ही मिलती है दवाई
शामली के अलावा कांधला और थानाभवन क्षेत्र में कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों के यहां पर प्रतिबंधित गोलियों की खरीदारी करने वालों की लाइन लगती है। हालांकि, प्रतिदिन खरीदारी करने वालों को ही दवाइयां दी जाती हैं। अनजान व्यक्ति यदि दवाई लेने के लिए जाए तो उसे साफ मना कर दिया जाता है।
प्रतिबंधित या फिर बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाई की बिक्री करने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसके तहत जहां मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। वहीं कम से कम तीन साल तक की सजा हो सकती है। लोगों से अपील है कि वह प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री करने वालों की सूचना मेरे मोबाइल नंबर 9582502680 नंबर पर दें, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -निधि पांडेय, ड्रग इंस्पेक्टर शामली
यह है मामला
कुरुक्षेत्र नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कुरुक्षेत्र के रहने वाले सतीश नाम के युवक को नशीली दवाइयों के साथ पकड़ा था। पूछताछ में उसने खुलासा किया गया कि वह शामली से नशीली दवाइयों को लेकर विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करता है। दवाई का पत्ता यदि 110 रुपये में लाता है तो उसे 170 रुपये में बेचता है।