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Shamli News: जेल में बंद बैंक मैनेजर और फील्ड ऑफिसर की जमानत याचिका खारिज

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- 25 जनवरी 2023 को मध्य प्रदेश के जनपद नीमच में जनपद न्यायाधीश के पद पर तैनात कैराना निवासी अरुण कुमार मित्तल ने दर्ज कराया था मुकदमा
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- जनपद न्यायाधीश की 82 बीघा कृषि भूमि पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर किसी अन्य को जारी किया था आठ लाख का लोन

- 15 फरवरी को पुलिस ने बैंक मैनेजर व फील्ड आफिसर को गिरफ्तार करके भेजा था जेल

संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। कस्बा निवासी निवासी जनपद न्यायाधीश की कृषि भूमि पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर आठ लाख का लोन देने के मुकदमे में जेल में बंद तीतरवाड़ा इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक और फील्ड आफिसर की जमानत याचिका अपर जिला सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी।

25 जनवरी 2023 को मध्य प्रदेश के जनपद नीमच में जनपद न्यायाधीश के पद पर तैनात कैराना निवासी अरुण कुमार मित्तल ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया कि झाडखेड़ी पानीपत रोड पर उनकी तथा उनके भाई की 82 बीघा कृषि भूमि है। 25 अक्तूबर 2022 को उन्होंने इंटरनेट पर जब अपनी कृषि भूमि की स्थिति देखी तो पता चला कि इंडियन बैंक की तीतरवाड़ा शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आठ लाख का लोन लिया गया है। जबकि कभी भी वह इंडियन बैंक में नहीं गए और न ही वहां पर उनका कोई खाता है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद 15 फरवरी 2023 को इंडियन बैंक तीतरवाड़ा के शाखा प्रबंधक अरुण कुमार जैन निवासी 219, सीबी गुप्ता कॉलोनी शामली और फील्ड ऑफिसर गौतम निवासी बिजनौर को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में मुजफ्फर नगर जेल भेज दिया था।
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जेल में बंद शाखा प्रबंधक अरुण कुमार जैन व फील्ड आफिसर ने अपर जिला सत्र न्यायालय (रेप एंड पॉक्सो) रेशमा चौधरी की अदालत में अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दायर की थी। जमानत पर सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया गया की शाखा प्रबंधक ने केवल लोन के कागज पर हस्ताक्षर किए थे, जबकि बैंक के अधिवक्ता ने कागज तैयार कराए थे। जिसके बाद फील्ड ऑफिसर ने कागज चेक करने के साथ ही विजिट की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया गया कि लोन के दस्तावेज में मुकदमे के वादी जनपद न्यायाधीश का निवास कहीं पर झाडखेड़ी और कहीं बुच्चाखेड़ी दर्ज था। जबकि अरुण कुमार मित्तल कैराना के रहने वाले हैं। इतनी गलतियां होने के बावजूद भी शाखा प्रबंधक ने लोन पास कर दिया। अभियोजन पक्ष के तर्क को स्वीकार करते हुए अपर जिला सत्र न्यायाधीश रेशमा चौधरी ने बैंक मैनेजर अरुण कुमार जैन और फील्ड आफिसर गौतम की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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