वृद्ध की मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मृत वृद्ध के बेटे और पौत्री को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पुश्तैनी घर हड़पने के लिए दोनों ने दो माह से वृद्ध का उपचार कराने के बजाए उसे कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया था। पुलिस का दावा है कि भूख-प्यास से तड़पकर वृद्ध की मौत हुई है।
मुजफ्फरनगर निवासी अशोक कुमार मूल निवासी थानाभवन अपने एक भाई और परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में रहते हैं। उसकी बेटी लता और दूसरा भाई सुनील थानाभवन में उनके 61 वर्षीय पिता पुन्नालाल के साथ रहते थे। पुन्नालाल 18 फरवरी को लापता हो गए थे। उसी समय अशोक ने तत्कालीन कस्बा इंचार्ज को पिता के लापता होने की शिकायत की थी। लेकिन, तब पुलिस ने मामले के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई थी। शुक्रवार को पुलिस ने अशोक कुमार की शिकायत पर पुन्नालाल की सड़ी-गली लाश उसी के घर में बंद कमरे से बरामद की। थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि इस मामले में मृतक के पुत्र सुनील और पौत्री लता को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो इस केस का खुलासा हो गया। थाना प्रभारी के मुताबिक पुश्तैनी मकान को हड़पने के लिए सुनील व लता ने पुन्नालाल का उपचार नहीं कराया। उसे मरने के लिए मकान के एक कमरे में बंद कर ताला लगा दिया था। भूख प्यास के कारण उसकी मौत हो गई। वृद्ध की हत्या में सुनील और लता को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया है।
पुलिस गंभीर होती तो बच सकती थी जान
दो माह पहले जिस समय वृद्ध लापता हुए थेे, उसी समय पुलिस गंभीरता से जांच करती तो शायद वृद्ध की जान बच सकती थी। दो माह पहले वृद्ध के लापता होने की सूचना पर पुलिस जांच करती और बंद मकान का ताला खुलवाकर जांच करती तो शायद वृद्ध की जान बच जाती, लेकिन पुलिस ने उस समय इस मामले को गंभीरता से न लेकर कोई कार्रवाई नहीं की थी।