खराब मौसम ने बिगाड़ी बाईपास निर्माण की चाल
शामली। खराब मौसम के चलते जिले के दो हाईवे को जोड़ने वाले मेरठ-करनाल हाईवे के दस किमी लंबाई वाले शामली बाईपास का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। खराब मौसम के कारण शामली बाईपास की निर्माण एजेंसी की ओर से लेपन कार्य परवान नहीं चढ़ पाया है। शामली बाईपास को टपराना से लेकर बधेव गांव तक मिट्टी और रोड़ी डालकर डिवाइडर बनाकर पूरा कर दिया है। टपराना से बधेव की ओर 500 मीटर लंबाई से अधिक पर तारकोल डाल दिया गया है।
मेरठ-करनाल हाईवे का दस किमी लंबा शामली बाईपास का निर्माण जारी है। यह टपराना से शुरू होकर सेवापुर और टिटौली के जंगल से होता हुआ बधेव, मुंडेट कलां, गोहरनी गांव के बाहर और शामली के पास करोड़ी अंडरपास के पास से होता हुआ साईं धाम के पास दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को मिलाने का प्रोजेक्ट है। दस किमी लंबाई के शामली बाईपास की जद में मुंडेट कलां गांव के पास पूर्वी यमुना नहर पर पुल, किरोड़ी रोड अंडरपास के पास रेलवे फ्लाईओवर का कार्य प्रस्तावित है। मेरठ-करनाल हाईवे के शामली बाईपास कार्य टपराना से लेकर बधेव गांव की सीमा तक मिट्टी-रोड़ी, बजरी डालकर बीच में डिवाइडर बनाकर कार्य पूरा कर दिया है।
पूर्वी यमुना नहर पर मुंडेट के पास पुल और किरोड़ी रोड अंडर पास के पास रेलवे के फ्लाईओवर के लिए पिलर खड़े करने काम चल रहा है। बधेव गांव से लेकर मुंडेट कलां, गोहरनी गांव और करोड़ी रोड अंडरपास से लेकर दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे तक मिट्टी डालकर बाईपास को ऊंचा करने का काम किया जा रहा है। दीपावली के बाद निर्माण एजेंसी ने टपराना से बधेव की ओर शामली बाईपास को रोड़ी-पत्थर और बजरी डालकर काला करने का कार्य शुरू किया था, मगर खराब मौसम के चलते काला करने का काम 500 मीटर से लेकर 700 मीटर तक पूरा हो पाया है। मेरठ-करनाल हाईवे के शामली बाईपास की निर्माण एजेंसी दिनेशचंद अग्रवाल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रवि कुमार पेरिस का कहना है कि खराब मौसम के चलते हाईवे और शामली बाईपास निर्माण का कार्य प्रभावित हो रहा है।