सहारनपुर। गंगोह रोड स्थित स्थित बाबा श्री गोरखनाथ और श्री जाहरवीर गोगा महाराज की म्हाड़ी पर तीसरे दिन भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। नेजे की अगुवाई में सभी 26 छड़ियां लौट गईं, लेकिन निशान और प्रसाद चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। बाबा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। तीन दिन में तीन लाख से अधिक श्रद्धालु प्रसाद चढ़ा चुके हैं।
रविवार को पूजा-अर्चना के बाद नेजे की अगुवाई में 26 छड़ियां म्हाड़ी से आंबाला रोड स्थित मेला गुघाल परिसर में बने सिद्धपीठ प्राचीन श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर पहुंची। यहां पर पूरे दिन नेजा और छड़ियां खड़ी रही। यहां भी श्रद्धालुओं ने प्रसाद और निशान चढ़ाए। इसके अलावा म्हाड़ी पर शनिवार की रात से लेकर रविवार की देर रात तक दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, पश्चिमी यूपी और जिले भर के श्रद्धालु निशान और प्रसाद चढ़ाने पहुंचते रहे।
श्री गुग्गा म्हाड़ी सुधार सभा के प्रधान अनिल प्रताप सैनी ने बताया कि तीन दिन में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद लिया है। नेजे और सरदार छड़ी की म्हाड़ी पर सबसे ज्यादा भीड़ रही। इसके साथ ही छड़ियों के स्थानों पर दिन-रात भंडारे होते रहे। वहीं, शाम पांच बजे श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर से पूजन के बाद छड़ियां ढोल-नगाड़ों के साथ अपने-अपने स्थानों पर लौट गई। ढोल की थाप भक्त बाबा के भजनों पर झूमते हुए नजर आए।
लौटती छड़ियों के बसेरों की रहेगी धूम
म्हाड़ी से लौटने के बाद जिले भर में तीन दिन बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज की शान में बसेरों की धूम रहेगी। बड़ी संख्या में लोग म्हाड़ी से छड़ियां आने के बाद बसेरा कराते हैं और रात्रि जागरण में बाबा की वीरता के किस्से सुनते हैं। रात 12 बजे बाबा को दूध की धार लगाई जाती है। श्री शिव गोरख जाहरवीर सेवा समिति संस्थापक पंकज उपाध्याय ने बताया कि म्हाड़ी से लौटी छड़ियों का बसेरे का अति महत्व है। जिले में तीन दिन रोजाना 40 से 50 बसेरे आयोजित होंगे।
सुरक्षा रही चाकचौबंद, रूट रहा डायवर्ट
घंटाघर से लेकर गंगोह मार्ग स्थित म्हाड़ी पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। गंगोह रोड पर चप्पे-चप्पे पुलिसकर्मी तैनात रहे। पूर्वी यमुना नहर पर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने वाहनों को रोका और अस्थाई पार्किंग में वाहन लगवाए। इसके साथ ही रूट डायवर्ट रहा। म्हाड़ी परिसर में भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।