शामली। निजी अस्पताल में मरीज दिखाने के लिए पंजीकरण करने के नाम पर युवक से ठगी की कोशिश हुई, लेकिन जागरूकता के चलते युवक से ठगी होने से बच गई।
कस्बा कैराना निवासी राजीव ने बताया कि उसे अपनी पत्नी को पानीपत के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाना था। उसने अस्पताल का फोन नंबर लेने के लिए गूगल पर सर्च किया, लेकिन वह नंबर अस्पताल का न होकर किसी साइबर ठग का था। उसने मरीज का रजिस्ट्रेशन करने के लिए दस रुपये जमा कराने को कहा। राजीव ने कहा कि वह ऑनलाइन दस रुपये उन्हें किस तरह से भेजे।
साइबर ठग ने कहा कि वह लिंक भेज रहा है, उसमें मरीज संबंधी जानकारी भरकर उसी के साथ ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी। युवक ने लिंक पर सभी जानकारी भर दी, लेकिन दस रुपये भेजने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। उसने फिर उस नंबर पर कॉल कर बताया तो उसने कहा कि वह व्हाट्सएप पर मैसेज भेज रहे हैं। इसे उसके नंबर पर भेज देना। जैसे ही मैसेज आया तो उसमें ओटीपी नंबर भी था। ओटीपी देखकर पीड़ित ने मैसेज नहीं भेजा। इसके बाद ठग की उसके पास दो बार कॉल आई, लेकिन उसने मैसेज नहीं भेजा, जिस कारण ठगी होने से बच गई।
मोबाइल छीनने के दो आरोपी गिरफ्तार
शामली। गांव खेड़ीकरमू निवासी मोनू से 12 जून को दिल्ली रोड पर बाइक सवार दो युवकों ने मोबाइल फोन छीन लिया था। आरोपी मौके से भाग गए थे। पुलिस ने अज्ञात में मामला दर्ज कर लिया था। मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने इस घटना में शामिल आरोपी साकिर उर्फ सोनू निवासी मोहल्ला न्याजीपुरा मुजफ्फरनगर और सोनू निवासी मोहल्ला खैल कांधला को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से छीना हुआ मोबाइल फोन, दो तमंचे, कारतूस और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर चालान कर दिया।