शामली। जनपद में बाल विकास परियोजना के तहत चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों पर लापरवाही बरती जा रही है। शुक्रवार को केंद्रों को देखा तो अनियमितताएं सामने आई हैं। पड़ताल में पाया गया कि कोई केंद्र खुला ही नहीं तो कई केंद्रों पर समय से पहले ही आंगनबाड़ी और सहायिकाएं घर निकल गई। केंद्रों में असुविधा भी मिली। ऐसे में कैसे बाल विकास होगा।
शामली : गांव झाल में चार केंद्र संचालित है। उच्च प्राथमिक विद्यालय में 11 बजे दोनों सेंटर पर 37 बच्चों में से 22 बच्चे मौके पर मिले। आंगनबाड़ी पुष्पा और संगीता मौके पर मिली, लेकिन सहायिका पूजा व शकुंतला घर जा चुकी थी। एजुकेटर गीता केंद्र छोड़कर स्कूल के बच्चों की कक्षा में मिली।
प्राथमिक विद्यालय झाल स्थित केंद्र पर सुनीता आंगनबाड़ी नहीं मिली, जबकि सहायिका संतलेश मिली। दोनों केंद्रों पर 41 बच्चों में से 20 मौके पर मिले। दूसरे केंद्र पर आंगनबाड़ी रूपा व सहायिका ममता मिली। गांव सिंभालका स्थित कंपोजिट विद्यालय स्थित केंद्र पर 11.45 बजे ही सहायिका व आंगनबाड़ी घर जाती मिली। केंद्रों पर कोई बच्चा नहीं मिला। एक केंद्र पर आंगनबाड़ी विमलेश और सहायिका भी चलने की तैयारी में थी। एजुकेटर रिया मलिक मिली, लेकिन कमरे में कोई बच्चा नहीं था।
गांव सेहंटा स्थित अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र पर न तो पानी की व्यवस्था मिली और न ही बिजली की व्यवस्था मिली। पंचायतघर के एक कमरे में केंद्र चलता मिला। आंगनबाड़ी राखी ने बताया कि विभाग को कई बार सूचना दी जा चुकी है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -
चौसाना : आंगनबाड़ी केंद्र पर 8.45 बजे भी ताला लटका मिला, एक बच्ची गेट के पास बैठकर इंतजार कर रही थी। वहीं एक बुजुर्ग महिला भी दो बच्चों को लेकर बाहर बैठकर इंतजार करती रही। बाद में 8.50 के बाद आंगनबाड़ी प्रभारी सोनिया केंद्र पर पहुंची। इसके बाद 10 बजे तक बारी-बारी से सहायिका भी आती रही।
गढ़ीपुख्ता : गांव मानकपुर के मजरा यूनिसपुर केंद्र पर ताला लटका मिला। आंगनबाड़ी केंद्र के पास गंदा पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
ऊन : गांव चुंधियारी स्थित आंगनबाड़ी का भवन जर्जर अवस्था में मिला। जिस कारण बच्चों को प्राथमिक विद्यालय के भवन में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था।
सभी केंद्र प्रभारियों को समय से केंद्र खोलने व बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी अगर किसी केेंद्र पर लापरवाही हैं तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। केंद्रों में समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। - यामिनी रंजन, जिला कार्यक्रम अधिकारी
कंपोजिट विद्यालय सिंभालका स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर खाली पड़ा कमरा. संवाद
कंपोजिट विद्यालय सिंभालका स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर खाली पड़ा कमरा. संवाद