शामली। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार रात को गर्भवती महिला को भर्ती न करने और गेट पर प्रसव होने के मामले में भाकियू ने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सीएमओ डॉ. अनिल कुमार का घेराव कर दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। उधर, सीएमओ ने स्टाफ नर्स मोनिका को जिला अस्पताल से हटाकर सीएमओ कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
भाकियू पदाधिकारी और कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह 11 बजे सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उसी दौरान सीएमओ गाड़ी में बैठकर जाने लगे तो कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद सीएमओ का उनके कार्यालय में घेराव किया। उन्होंने जिला अस्पताल के गेट पर महिला के प्रसव होने में ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में रात के समय प्रसव न होने व लापरवाही की पहले भी शिकायतें मिली है, जिसे लेकर उन्होंने पिछले महीने सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी का परिणाम है कि महिला को अस्पताल में भर्ती तक नहीं किया गया और अस्पताल गेट पर खुले में प्रसव हुआ।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए लापरवाही बरतने वाली दोषी स्टाफ नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने सीएमओ पर सही व्यवहार न करने का भी आरोप लगाया। करीब दो घंटे तक चले हंगामा-प्रदर्शन के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपा और दो दिन में दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। सीएमओ ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान सीओ सिटी जितेंद्र सिंह और आदर्श मंडी पुलिस मौजूद रही।
इस अवसर पर भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, जिलाध्यक्ष शांता कुमार प्रधान, प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खाटियान, जिला उपाध्यक्ष संजीव राठी, योगेंद्र पंवार, दीपक शर्मा, महिला विंग की जिलाध्यक्ष कविता चौधरी, बाबा शोकेंद्र, बाबा संजय कालखंडे आदि मौजूद रहे।
nबाबा संजय कालखंडे ने जांच में लीपापोती का आरोप लगाया : शामली। गांव लिलौन निवासी बाबा संजय कालखंडे ने कहा कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले निजी चिकित्सक के यहां ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद संक्रमण होने से उनकी हालत बिगड़ गई थी।
तब से उनके पांच ऑपरेशन हो चुके हैं और आर्थिक रूप से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। इस मामले की शिकायत सीएमओ से की गई थी, लेकिन जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है और आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
n जो उनके साथ हुआ ऐसा दूसरे मरीजों के साथ न हो : असारा निवासी कौसर के पति उस्मान ने कहा कि जिला अस्पताल में उनकी पत्नी प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। उसने वहां मौजूद स्टाफ नर्स से कहा लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया। उसकी पत्नी का ब्लड प्रेशर ज्यादा होना बताकर एक गोली खाने को दी। इसके बाद उसे मेरठ ले जाने को कह दिया। उन्हें न एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई और न ही सही उपचार दिया। करीब डेढ़ घंटे तक वे परेशान रहे। प्रसव होने के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती किया गया। जच्चा-बच्चा की हालत सामान्य है। उस्मान ने कहा कि वह चाहते है कि उनके साथ जिस तरह का स्वास्थ्यकर्मियों ने व्यवहार किया, वह दूसरे मरीजों के साथ न हो और उन्हें समय पर सही उपचार मिले।
शामली में सीएमओ कार्यालय में सीएमओ का घेराव कर हंगामा करते भाकियू कार्यकर्ता । संवाद
शामली में सीएमओ कार्यालय में सीएमओ का घेराव कर हंगामा करते भाकियू कार्यकर्ता । संवाद