राज्य कर्मचारी का दर्जा और मानदेय बढ़ाने की मांग
संगठन ने आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। इसके साथ ही न्यूनतम मानदेय 21 से 24 हजार रुपये तक करने की मांग उठाई गई। आशा संगिनियों के लिए आने-जाने की व्यवस्था, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये और पेंशन देने की भी मांग की गई।
बीमा, ईपीएफ और इंटरनेट सुविधा की मांग
कार्यकर्ताओं ने 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देने के साथ ईपीएफ और ईएसआई का लाभ देने की मांग की। इसके अलावा 5जी इंटरनेट और सिम की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
अस्पतालों में विश्राम की व्यवस्था की मांग
आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों ने अस्पतालों में उनके लिए विश्राम की व्यवस्था करने तथा सीएचसी और जिला अस्पतालों के कर्मचारियों द्वारा सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित कराने की मांग की। उन्होंने आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
पांच से 10 अक्तूबर तक चलेगा प्रदर्शन
संगठन की ओर से बताया गया कि पांच से 10 अक्तूबर तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को अनिश्चितकाल तक जारी रखने की चेतावनी दी गई। प्रदर्शन के दौरान सोनिया गौतम, पिंकी समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी मौजूद रहीं।