शामली। गर्मी के मौसम में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से घर-घर जाकर दो साल तक के बच्चों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराया जाएगा। आशा घर-घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेंगी। इसके बाद विभाग की तरफ से बच्चों को बेहतर उपचार दिलाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग माइक्रोप्लान तैयार कर रहा है।
गर्मी के मौसम में और इसके बाद बरसात के मौसम में संक्रामक रोग होने की संभावना ज्यादा रहती है। खासतौर पर बच्चों में पेट और त्वचा संबंधी रोग ज्यादा होने की आशंका रहती है। गर्मी में बच्चों में डायरिया के केस ज्यादा आ रहे हैं। संक्रामक रोगों से बचाव और रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की घर-घर जाकर दो साल तक के बच्चों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण करने की योजना है। इसके तहत आशा घर-घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच और जानकारी जुटाएगी। जो बच्चे बीमार या अन्य किसी तरह की कोई समस्या होती है तो उसकी सूची तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लाभ ये रहेगा कि विभाग के पास बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी समय पर मिल सकेगी और उससे यह भी पता चल सकेगा कि कौन सी बीमारी का संक्रमण कितना और किस क्षेत्र में ज्यादा है, उसी के अनुसार टीमों का गठन कर बच्चों का उपचार और रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
इस अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग माइक्रोप्लान तैयार कर रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के साथ लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा।