शामली। तीन कमरों का मकान, दुर्बल आय का परिवार, मगर महत्वाकांक्षा ऊंचा मुकाम हासिल करने की। शुरुआती दौर से ही राजनीतिक लोगों का करीबी बना और पालिका के नामित सभासद बनने के बाद राज्यसभा सदस्य मुनव्वर सलीम का निजी सचिव तक बन गया फरहत खान। मोहल्ला वेेदोवाला की गली में तीसरे नंबर पर उसका मकान है।
जिला वक्फ बोर्ड सब कमेटी का चेयरमैन बनकर भी उसने खुद को राजनीतिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया। इसी लिहाज से कई बार वह कलक्ट्रेट में होने वाली मीटिंगों में भी मंच पर रहा।
ईद उल अजहा के मौके पर कस्बा कैराना में फरहत खान ने सैकड़ों स्थानों पर अपने पोस्टर चिपकवाए। उसको कैराना नगरपालिका परिषद का नामित सभासद बनाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया था, लेकिन उसकी पहुंच ने उसको कामयाबी दिला दी। परिवार में फरहत के अलावा उसके चार भाई हैं, जिनमें सबसे बड़ा मुशर्रत है। मुर्शरत फेरी लगाकर बेकरी का सामान बेचता है, जबकि दो भाई हरियाणा में किसी फैक्ट्री में नौकरी करते हैं, वहीं एक भाई शुगर मिल में नौकरी करता है। तीन बहनें शादीशुदा हैं, जिनमें एक कैराना, एक उत्तराखंड और तीसरी दिल्ली में रहती है। पिता शफात खान का इंतकाल हो चुका है।
फरहत खान की पारिवारिक आर्थिक हालत पर गौर करें, तो बहुत अच्छी स्थिति नहीं है। नेताओं से संपर्क बनाना और अभिनेताओं के साथ फोटो खिंचवाना फरहत खान का शौक रहा है। उसके मकान में लगे फोटो इसके प्रमाण हैं। उसके मकान में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से लेकर सांसद मुनव्वर सलीम, सपा नेता मोहम्मद आजम खान, अभिनेत्री सायरा बानो और कांग्रेस नेत्री शीला दीक्षित के साथफोटो भी मौजूद हैं। वहीं, शामली कलक्ट्रेट सभागार में विभिन्न अवसरों पर मीटिंगों में हिस्सा लेने के दौरान की तस्वीरें भी फोटो गैलरी में शामिल है।
पूर्व सांसद ने हटाया
कैराना के मरहूम सांसद मुनव्वर हसन के साथ भी फरहत जुड़ा रहा। सूत्रों की मानें, तो काफी समय पहले ही एक पासपोर्ट बनवाने में उसने मरहूम सांसद के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए थे, जिसके चलते उसको उन्होंने हटा दिया था।
फेसबुक पर 93 फ्रेंड्स
फरहत खान के फेसबुक पर 93 फ्रेंड हैं, जिनमें सांसद और विधायक, शामली जनपद के राजनीतिक लोगों के अलावा सामाजिक लोग भी हैं। फेसबुक पर फरहत ने अधिकांश पोस्ट सांसद मनव्वर सलीम के लेख और उनके कार्यक्रमों की कवरेज के पोस्ट किए हैं।
सुर्खियों में कैराना
कभी इकबाल काना और हाजी सांड जैसे लोगों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैराना के माथे पर बदनुमा दाग लगाया। हाजी सांड भी कैराना के बेदोवाला मोहल्ले का ही रहने वाला है। पाकिस्तान में बैठा इकबाल काना नकली करेंसी और हथियार सप्लाई कराने का नेटवर्क चलाता है। वहीं, हामिदा उर्फ फैमिदा और उसका दामाद भी इसी तरह का नेटवर्क संचालित कर रहे हैं।