कैराना (शामली)। पुलिस ने सोमवार शाम हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पकड़े गए आरोपी के पास से 10 पिस्टल (32 बोर) और पांच तमंचे (315 बोर) बरामद किए हैं। आरोपी इन हथियारों को क्षेत्र में सप्लाई के लिए लेकर जा रहा था।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि सोमवार शाम कैराना पुलिस तितरवाड़ा रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोककर तलाशी ली। उसके पास से दो पिट्ठू बैग में 10 पिस्टल 32 बोर, पांच तमंचे 315 बोर, एक कारतूस 315 बोर, एक कारतूस 32 बोर और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। आरोपी के पास से बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक भी बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शोएब निवासी गांव तितरवाड़ा बताया। उसने बताया कि वह यह हथियार गांव के ही कादिर को बेचने के लिए जा रहा था। कादिर इन हथियारों को आसपास के जिलों के अलावा हरियाणा के पानीपत, करनाल, रोहतक, दिल्ली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में ऊंचे दामों पर बेचता है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से ट्रेन के जरिए लाता है हथियार
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से अकरम नामक व्यक्ति से हथियार खरीदकर लाता है। दोनों के बीच व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क होता है। अकरम बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर बैग में हथियार सौंपता है और नगद भुगतान लेता है। इसके बाद आरोपी ट्रेन के जरिए हथियार लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पहुंचता था।
सस्ते में खरीद, महंगे में बिक्री
गिरोह के सदस्य पिस्टल को 15 से 20 हजार रुपये में खरीदते हैं और उन्हें 50 से 60 हजार रुपये में बेचते हैं। इस तरह गिरोह मोटा मुनाफा कमाकर उसे आपस में बांट लेता है।
पुलिस से बचने के लिए अपनाते थे तरीका
पुलिस से बचने के लिए गिरोह के सदस्य सफर के दौरान दो से तीन ट्रेनें बदलते है। रेलवे स्टेशनों पर बैग एक सदस्य से दूसरे सदस्य को सौंप दिया जाता है, जिससे किसी एक व्यक्ति पर शक न हो। हथियार लेकर चलते समय ये लोग फोन पर बातचीत भी नहीं करते थे, ताकि पुलिस उन्हें ट्रैस न कर सके।
कोडवर्ड में होती थी डील
हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए गिरोह ने कोडवर्ड भी बना रखे थे। फलों की पेटी का मतलब अच्छी क्वालिटी की पिस्टल होता था, जबकि साबुन की पेटी कम कीमत वाली पिस्टल के लिए इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और उनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया गया है।
12 का छात्र है आरोपी शोएब, चार भाषा जानता है
कैराना थाना प्रभारी समयपाल अंत्री ने बताया कि आरोपी शोएब न हाल ही में 12वीं के पेपर दिए थे। वह हिंदू, उर्दू, अरबी और अंग्रेजी तीनों भाषा जानता है। उर्दू और अरबी को बखूबी भी लिख लेता है।
कैराना पुलिस द्वारा 10 पिस्टल और पांच तमंचे के साथ पकड़ा गया शोएब-पुलिस