- गाजियाबाद के निजी अस्पताल में हुई जांच में बुजुर्ग मिला पॉजिटिव
- कांधला सीएचसी पर जांच में नौ साल की बालिका में डेंगू की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में बुखार का खतरा बढ़ रहा है। गर्मी व उमस से वायरल व मलेरिया बुखार का प्रकोप ज्यादा चल रहा है। इसके साथ ही जिले में स्क्रब टायफस और डेंगू ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। जिले में स्क्रब टायफस और डेंगू का एक-एक केस और सामने आया है। स्क्रब टायफस का इस साल में यह दूसरा केस मिला है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्क्रब टायफस से पीड़ित मरीज के घर पहुंचकर जानकारी ली और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया।
सितंबर माह में उमस भरी गर्मी में सबसे ज्यादा वायरल बुखार के साथ ही मलेरिया और टायफाइड बुखार के मरीजों की सरकारी व निजी अस्पतालों में भीड़ लगी है। इनके अलावा स्क्रब टायफस और डेंगू भी जिले में पांव पसार रहा है, जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग में हलचल मची है। इस बुखार का पहला मरीज कैराना क्षेत्र के ऊंचा गांव में मिला था। अब कांधला क्षेत्र के गांव सल्फा में 75 वर्षीय बुजुर्ग में भी स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई है। बताया गया है कि बुजुर्ग को बुखार होने पर पहले मेरठ में उपचार कराया गया, लेकिन सुधार न होने पर गाजियाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई।
गाजियाबाद से इसकी सूचना मिलने पर शुक्रवार को जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार के नेतृत्व में टीम गांव सल्फा पहुंची और परिजनों ने मरीज के बारे में जानकारी ली। मरीज का उपचार गाजियाबाद में चल रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि फोन पर मरीज के साथ परिजनों ने बताया कि उनका स्वास्थ्य अब ठीक है। स्वास्थ्य टीम ने मरीज के घर के आसपास एंटी लार्वा का छिड़काव कराया और ग्रामीणों को बुखार से बचाव की जानकारी दी। टीम में लैब सहायक अवधेश कुमार, सुबोध कुमार आदि शामिल रहे।
इसके अलावा कांधला की नई बस्ती निवासी नौ साल की बालिका को बुखार होने पर परिजनों ने सीएचसी पर जांच कराई गई। रैपिड कार्ड से जांच में बालिका डेंगू से पीड़ित पाई गई। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि डेंगू संभावित बालिका का सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए भेजा जाएगा। लक्षणों के आधार पर बालिका का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है। जिले में इस साल में डेंगू का यह तीसरा केस मिला है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों को बताया गया कि अपने घर के आस-पास साफ सफाई का विशेष ध्यान रखे। कहीं पर भी पानी एकत्रित ना होने दें। यदि कहीं पानी एकत्रित हो तो उसमें मिट्टी का तेल अथवा जला हुआ मोबिल ऑयल अवश्य डालें और रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें।