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ट्रैक्टर-ट्रॉली से करेंगे पानीपत-खटीमा हाईवे जाम

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शामली कलक्ट्रेट धरने को संबोधित करते किसान नेता ताऊ हरेंद्र सिंह। - फोटो : SHAMLI
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संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। कलक्ट्रेट में भाकियू का बेमियादी धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को प्रशासन के साथ किसानों की कोई वार्ता नहीं हुई। 13 सितंबर को पानीपत-खटीमा हाईवे जाम करने के लिए रणनीति तय की गई। किसानों से अधिक से अधिक संख्या में ट्रैक्टर-ट्राली लेकर आने का आह्वान किया गया।
गन्ना मूल्य भुगतान, दिल्ली-देहरादून हाईवे की भूमि का मुआवजा बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर भाकियू कार्यकर्ता 5 सितंबर से कलक्ट्रेट में बेमियादी धरने पर बैठे हैं। पिछले चार दिन में प्रशासन से हुई किसानों की वार्ता बेनतीजा रही। जिसके बाद भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने 13 सितंबर को कलक्ट्रेट के सामने पानीपत-खटीमा हाईवे जाम करने का एलान कर दिया। शुक्रवार को धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले संपूर्ण भुगतान की मांग पूरी होने तक किसान धरना स्थल से नहीं उठेंगे।
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सहारनपुर से भाकियू के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह व प्रदेश उपाध्यक्ष विनय कुमार समर्थकों के साथ धरना स्थल पहुंचे और किसानों को संबोधित किया। जिला सचिव आशीष चौधरी ने धरने का संचालन किया। जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, शौकेंद्र सिंह, ओमपाल मलिक, शांता प्रधान, गुड्डू बनत, योगेंद्र पंवार, मनोज तोमर, देवराज पहलवान, गय्यूर हसन, असजद तोमर, ब्रह्मपाल नाला, पप्पू भारसी आदि मौजूद रहे।
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बिजली गुल होने पर हंगामा
दोपहर के समय करीब आधा घंटे धरना स्थल की बिजली गुल हो गई। जिस पर किसानों ने हंगामा किया। उमस भरी गर्मी में किसान परेशान हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो हाईवे जाम कर देंगे। कुछ देर बाद बिजली आ गई। जिस पर किसान शांत हुए।

शामली में कलक्ट्रेट में धरने पर मौजूद भाकियू कार्यकर्ता।- फोटो : SHAMLI

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