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Shamli News: फौजी बनकर पिता का सीना चौड़ा करना चाहता था अंकित, किस्मत ने बना दिया गायक

Sat, 29 Aug 2026 01:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। गोलियों ने अंकित बालियान से सिर्फ उसकी जिंदगी ही नहीं छीनी, बल्कि एक पिता का वह सपना भी तोड़ दिया, जिसमें वह अपने बेटे को अपनी तरह फौजी की वर्दी में देखना चाहता था। अंकित की हत्या के तीसरे दिन भी परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में हर तरफ उसकी यादें हैं और परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
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अंकित के पिता सतबीर सेवानिवृत्त फौजी हैं। उन्होंने बताया कि 12वीं कक्षा पास करने के बाद अंकित भी सेना में जाने का सपना देखता था। वह पिता की तरह फौजी बनना चाहता था। अंकित कबड्डी भी खेलता था, लेकिन इसी दौरान उसे गंभीर चोट लग गई। चोट के कारण उसकी टांग में दिक्कत हो गई और सेना में भर्ती होने का सपना अधूरा रह गया।
गाने ने बदली जिंदगी, पिता को बेटे पर होने लगा गर्व
सेना में जाने का सपना पूरा नहीं हुआ तो अंकित ने संगीत की दुनिया में कदम रखा। उसके गानों को लोगों ने पसंद किया और धीरे-धीरे उसे पहचान मिलने लगी। पिता सतबीर बताते हैं कि अंकित ने जब गायकी में पहचान बनाई और कमाई शुरू की तो उन्हें अपने बेटे पर गर्व होने लगा। उसने मोबाइल और एलसीडी का कारोबार भी शुरू किया था।
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अंकित का शुरुआती चर्चित गाना ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ रहा। इस गाने ने उसे अलग पहचान दिलाई। पिता कहते हैं कि बेटे को आगे बढ़ते देखकर उन्हें खुशी होती थी और उन्हें उस पर गर्व था। परिजनों के मुताबिक अंकित कई नए गानों पर भी काम कर रहा था।
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पिता बोले- हत्यारों को पकड़कर हमें न्याय दिलाए पुलिस
बेटे की मौत से टूटे पिता सतबीर की अब एक ही मांग है कि अंकित के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार कर परिवार को न्याय दिलाए। परिवार का कहना है कि जिस तरह अंकित को बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया, उसके दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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दो दिन पहले ही राखी बंधवाकर आया था भाई
अंकित की बहन रीना का भी रो-रोकर बुरा हाल है। भाई की याद आते ही उसकी आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। रीना ने बताया कि अंकित कुछ दिन पहले ही राखी बंधवाने घर आया था। वह अपने साथ घेवर लेकर आया था। राखी बंधवाने के बाद वह छोटी बहन के पास चला गया।
किसी को क्या पता था कि राखी का वह मिलन भाई-बहन की आखिरी याद बन जाएगा। जिस भाई की कलाई पर बहन ने प्यार से राखी बांधी थी, आज उसी भाई की तस्वीर सामने रखकर परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है।
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