एक विद्यालय... जिसने बदली समाज की दिशा
सिंगरा गांव पार करते ही इंदिरा गांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज संचालित है। 1991-92 में स्थापित इस कॉलेज ने बावरिया समाज की दिशा बदलने में बड़ी भूमिका है। प्रधानाचार्य जयकरण अंसल बताते हैं कि स्कूल खोलना आसान था, लेकिन इसमें बच्चों को लाना मुश्किल था। कुछ लोग नहीं चाहते थे कि बच्चे पढ़े-लिखें। विरोध भी हुआ, लेकिन उनके प्रयास जारी रहे। अब इस विद्यालय में ही नहीं बल्कि अन्य कई कॉलेजों में यहां के बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। कॉलेज में 1600 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। सरकारी नौकरियों में गए कई युवा इसी विद्यालय से पढ़कर निकले हैं। बावरिया कॉलोनी में खाली पड़ी जगह को खेल का मैदान बना लिया है। रोजाना सुबह यहां पर गांवों के युवा पुलिस भर्ती की तैयारी करते हैं।
90 के दशक में केवल दो, अब सौ से ज्यादा स्नातक
1990-91 में बावरिया समाज के 12 गांवों में केवल हरजीत सिंह परास्नातक और शेर सिंह स्नातक थे। वर्तमान में इन गांवों में लगभग 100 युवा परास्नातक और 150 से ज्यादा स्नातक हैं।
गांव बिरालियान निवासी जुगून बीएसएफ, शंकर सीआईएसएफ, मंगल सिंह पुलिस में हैं। अहमदगढ़ निवासी ज्योति, पूजा एवं किरन शिक्षिका, संजय बीएसएफ, खानपुर जाटान निवासी बलराम, नीरज, कपिल, सूरज पुलिस में और ज्योति बैंक में, मस्तगढ़ निवासी विशाल कुमार, जितेंद्र कुमार, भंवर सिंह, विक्रांत कुमार, सुनील कुमार एवं मोहित यूपी पुलिस में और संदीप और रामनिवास शिक्षक हैं। वहीं दूधली निवासी ऊषा रानी यूपी पुलिस, अमित कुमार दिल्ली पुलिस, अहमदगढ़ निवासी कविता, सविता एवं जाटान निवासी प्रियंका नर्सिंग में कार्यरत हैं। नया बांस निवासी हरिओम, खोक्सा निवासी कमल, खेड़ी जुनारदार निवासी मंगल यूपी पुलिस, खानपुर कला निवासी रवि रेलवे पुलिस, मंगल शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।
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