शामली आर्य समाज मन्दिर में पूर्व चेयरमैन अरविन्द संगल का स्वागत करते आर्य समाज के लोग
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शामली। आर्य समाज के 146वें स्थापना दिवस के अवसर पर चार दिवसीय आर्य सम्मेलन के तीसरे दिन मुख्य अतिथि नगरपालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल ने कहा कि ईश्वर ही सर्व सत्य, सर्व व्याप्त, सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान व सृष्टि का कारण है। सत्य को ग्रहण करने और असत्य को त्यागने के लिए सदा तत्पर रहना चाहिए।
बृहस्पतिवार को मोहल्ला धीमानपुरा में स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में अरविंद संगल ने कहा कि देश में सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की थी। समाज में फैली कुरीतियों को दूर करके नया संदेश दिया। उन्होंने पंडित सोहन लाल द्विवेदी की कविता को सुनाया, लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
वैदिक विद्वान आचार्य विष्णुमित्र वेदार्थी ने कहा कि ईश्वर सच्चिदानंद स्वरूप है। योगी योग साधना से परमात्मा के दर्शन कर सकता है, किंतु परमात्मा के अलौकिक स्वरूप वर्णन नहीं कर सकता है। मुख्य यजमान के रुप में प्रधान सुभाष गोयल आर्य व सुदेश गोयल, प्रदीप संगल व बबीता आर्य, पीयूष आर्य व वर्तिका आर्य, मनोज गोयल व मंजू आर्य रहे। यज्ञ के ब्रह्मा आर्य समाज के पुरोहित डॉ. रविदत्त शास्त्री रहे।
भजनोपदेशक नरेंद्र दत्त आर्य ने भजनों के माध्यम से का मार्ग दर्शन किया। मौके पर संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, पूरण चंद आर्य, प्रधान सुभाष गोयल, मंत्री सुभाष धीमान, कोषाध्यक्ष रविकांत आर्य, दैनिक यज्ञ प्रभारी राजपाल आर्य, दिनेश आर्य, बीरबल आर्य, वेदप्रकाश आर्य, सत्यप्रकाश आर्य, सतीश मौजूद रहे।