शामली। किसान अब गेहूं की बिक्री अपनी मर्जी से किसी भी केंद्र पर नहीं कर सकेंगे। नई गेहूं खरीद नीति के तहत किसानों को अपना गेहूं आवंटित खरीद केंद्र अथवा मंडियों में ही बेचने की छूट होगी। गांवों और किसानों का खरीद केंद्रों से संबद्धीकरण कर लिया गया है।
किसानों को अपना गेहूं जिले के किसी भी खरीद केंद्र पर बेचने की छूट होती थी। इस साल खरीद नीति में बदलाव किया गया है। किसान को आवंटित खरीद केंद्र अथवा मंडी परिसर में अपना गेहूं बेचने की छूट होगी। जिला प्रशासन ने आवंटित खरीद केंद्रों की एसडीएम-तहसीलदारों के माध्यम में चेकिंग कराकर संबद्धीकरण कर लिया है। मंडी में संचालित केंद्रों पर कोई भी किसान गेहूं बेच सकता है, लेकिन मंडी से बाहर संचालित केंद्रों पर केवल आवंटित गांवों के किसानों का ही गेहूं खरीदा जाएगा। इससे कोई भी किसी दूसरे क्षेत्र के खरीद केंद्र पर जाकर गेहूं की बिक्री नहीं कर पाएगा।
सहारनपुर मंडल के क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक का कार्य देख रहे प्रिंस चौधरी ने बताया कि केंद्र पर किसानों की भीड़ को रोकने के उद्देश्य से नई गेहूं खरीद नीति के अनुसार किसान को खरीद केंद्रों का आवंटन और संबद्धीकरण किया गया है। गांव का किसान आवंटित किए गए खरीद केंद्र अथवा मंडी में गेहूं बेच सकता है।
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खरीद केंद्र खुले, गेहूं आने का इंतजार
शामली/कैराना/कांधला/चौसाना/बाबरी। जिले में 27 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। बृहस्पतिवार को ज्यादातर खरीद केंद्र खुल गए, लेकिन पहले दिन कोई भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। जिले में अभी गेहूं की कटाई शुरू नहीं हुई है। यमुना खादर क्षेत्र में ही कुछ किसानों ने कटाई शुरू की है। अभी दस से 15 दिन बाद ही केंद्रों पर गेहूं पहुंचने की उम्मीद है।
दोपहर 12 बजे शामली मंडी परिसर में खुले खाद्य विभाग और यूपी कॉपरेटिव यूनियन के खरीद केंद्र पर खरीद केंद्र प्रभारी मौजूद रहे। खाद्य विभाग के शामली मंडी की खरीद केंद्र प्रभारी सुनीता राणा और पीसीयू के केंद्र प्रभारी चांदवीर सिंह ने बताया कि अभी गेहूं की कटाई शुुरू नहीं हुई है। खरीद केंद्रों पर गेहूं आने में 10 से 15 दिन लगेंगे। गेहूं लाने वाले किसान को 72 घंटे में भुगतान होगा। किसान पंजीकरण कराते हुए आईएफएससी कोड और बैंक खाता नंबर ध्यान पूर्वक लिखें।
कांधला में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बने केंद्र प्रभारी सुमन चौधरी ने बताया कि पहले दिन कोई किसान गेहूं लेकर नहीं आया। गंगेरू क्रय केंद्र पर भी कोई नहीं पहुंचा। चौसाना के दथेड़ा व बल्ला माजरा सहकारी समिति पर गेहूं क्रय केंद्र पर तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। पहले दिन कोई किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। कैराना में आर्यपुरी बाईपास पर स्थित खरीद केंद्र के प्रभारी सुशील कुमार साहू मौजूद मिले। बताया कि पहले दिन कोई किसान गेहूं बेचने नहीं आया। बाबरी के दोनों खरीद केंद्र बंद मिले।
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जिले में गत वर्ष हुई रिकार्ड तोड़ गेहूं की खरीद
शामली। वर्ष 2020 में एक लाख 45 हजार क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 4996 किसानों से एक लाख 78 हजार 888 क्विंटल गेहूं की खरीद करके शामली जनपद प्रदेश में पहले स्थान पर रहा था। इस बार अभी तक खरीद एजेंसियो को गेहूं खरीद का लक्ष्य नहीं मिला है।
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बीते वर्षों में हुई गेहूं की खरीद
वर्ष खरीद मीट्रिक टन में
2014-15 --- 529.55
2015-16 --- 4941.07
2016-17 --- 4169.72
2017-18 --- 8722.42
2018-19 --- 14180.15
2019-20 --- 8538.21
2020-21 --- 17888.40
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जिले में गेहूं का रकबा हेक्टेयर में
वर्ष रकबा
2017-18 51015
2018-19 50480
2019-20 48924
2020-21 49000
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न्यूनतम समर्थन मूल्य
2020-21- 1925 रुपये प्रति क्विंटल
2021-22- 1975 रुपये प्रति क्विंटल
शामली नवीन मंडी में खाली पडा गेंहू क्रय केन्द्र- फोटो : SHAMLI
शामली नवीन मंडी में बंद पडा गेंहू क्रय केन्द्र- फोटो : SHAMLI
कांधला में खाली पडा गेंहू क्रय केन्द्र- फोटो : SHAMLI