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गुरु के चरणों में होता है सभी तीर्थों का वास : विजय कौशल

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शामली में कैराना रोड पर श्री रामकथा सुनतीं महिलाएं। - फोटो : SHAMLI
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गुरु के चरणों में होता है सभी तीर्थों का वास : विजय कौशल
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शामली। संत प्रवर विजय कौशल महाराज ने अमृत वर्षा करते हुए कहा कि मां- बाप और गुरु के चरणों में सभी तीर्थों का वास होता है। भगवान परीक्षा से नहीं, बल्कि प्रतीक्षा और जागने से मिलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान को प्राप्त करने के लिए घर छोड़ने और सन्यास लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जितने भी लोगों को भगवान के दर्शन हुए है, वे सब गृहस्थ जीवन व्यतीत करते थे।
सोमवार को कैराना रोड स्थित जेजे फार्म विवाह मंडप में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन संत प्रवर विजय कौशल महाराज ने महर्षि विश्वामित्र द्वारा यज्ञ की रक्षा के लिए राम लक्ष्मण को राजा दशरथ से मांग कर ले जाने, राम के द्वारा ताड़का, सुबाहु, मारीच आदि राक्षसों का वध, अहिल्या उद्धार एवं राम लक्ष्मण का विश्वामित्र के साथ जनकपुर में प्रवेश करने तक की कथा को सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान परीक्षा से नहीं, बल्कि प्रतीक्षा से मिलते हैं। भगवान भागने से नहीं जागने से मिलते हैं। भगवान श्रीराम की कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भगवान के लिए जितनी गहरी प्रतीक्षा करेंगे, जितने आतुर होंगे उनके लिए वे उतनी ही जल्दी प्रकट होंगे। 18 वर्ष की युवती शबरी ने 65 साल तक भगवान की प्रतीक्षा की, तब जाकर उन्हें भगवान के दर्शन हुए। हम जब भी रो कर भगवान को पुकारते हैं, भगवान तुरंत हमारी सहायता करते हैं। उन्होंने गज का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे ही हाथी ने भगवान को पुकारा, उन्होंने तुरंत उसे ग्रह के चंगुल से छुड़ाया। भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, उनका पूरा जीवन चरित्र मर्यादा की सीख देता है। वास्तव में आशीर्वाद की पोटली माता-पिता और गुरु के चरणों में ही रहती है। सारे तीर्थ इनके चरणों में निवास करते हैं। भगवान तक पहुंचने के लिए गुरु ही मार्गदर्शन करता है। भगवान बिना गुरु की कृपा से नहीं मिल सकते। शास्त्रों से हमें ज्ञान मिल सकता है, लेकिन भगवान नहीं। भगवान कृपा साध्य हैं श्रम साध्य नहीं।
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उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव से भारत की नारियों पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव की चर्चा की। नारी शक्ति भारत के प्राण है, भारत की आत्मा है। महाराज श्री ने कहा कि आज हमारी बेटियों को बिगाड़ने का एक बहुत बड़ा षड्यंत्र चल रहा है। नारी स्वतंत्र होनी चाहिए, लेकिन स्वच्छंद और निरंकुश नहीं। आज पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव से नारियों के शरीर से वस्त्र घट रहे है, उनका शील, उनकी ममता, उनका सदाचार लुप्त होता जा रहा है। भारतवर्ष गीता, गंगा, गायत्री और रामायण का देश है। यहां गाय, धरती, नदी, तुलसी प्रकृति को भी मां की संज्ञा दी गई है। भारत की संस्कृति पर बहुत बड़ा आक्रमण हो रहा है। श्रीराम कथा में राजेश्वर बंसल, अंजना बंसल, अखिल बंसल, सारिका बंसल, राजीव मलिक, प्रदीप पुंडीर, प्रदीप संगल, रोबिन गर्ग, सपन मित्तल, मुकेश गोयल, महेश गोयल, अशोक बंसल एसपी अजय कुमार पांडे आदि मौजूद रहे।
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